विवाद के बाद बंगाल सरकार ने विसर्जन का समय बढ़ाया

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कोलकाता। विजयादशमी के दिन विसर्जन को लेकर चल रहे विवाद के बाद राज्य सरकार ने विसर्जन का समय बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पूर्व के निर्देश के बाद से जारी आलोचनाओं के बाद राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है। हाई कोर्ट में इस बारे में राज्य सरकार ने जानकारी दी। कोर्ट ने भी इस मामले में ममता सरकार के पूर्व के आदेश पर काफी तीखी प्रतिक्रिया दी।
पहले दशमी को शाम 6 बजे तक प्रतिमा विसर्जन का निर्देश दिया गया था। अब इसे बढ़ाकर रात्रि 10 बजे तक किया गया है। इसकी जानकारी शुक्रवार को राज्य सरकार ने कोलकाता हाई कोर्ट में दी।
सरकार की तरफ से कहा गया कि इस विषय पर विचार विमर्श कर रात्रि 10 बजे तक विसर्जन की अनुमति दी गई है। जबकि एकादशी को मुहर्रम होने की वजह से राज्य सरकार ने दशमी को शाम 6 बजे तक ही प्रतिमा विसर्जन का निर्देश दिया था। आवेदनकारी पक्ष ने हाई कोर्ट की कार्यकारी चीफ जस्टिस निशिथा म्हात्रे और जस्टिस तपोब्रत चक्रवर्ती की खंडपीठ में कहा कि पंजिका के अनुसार विसर्जन की समय सीमा रात्रि 1.30 बजे तक होनी चाहिए।
जजों की बेंच ने आदेश पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी। कोर्ट ने सरकार के वकील से पूछा कि क्या विसर्जन की समय सीमा को बढ़ाकर रात्रि 1.30 बजे तक किया जा सकता है? कोर्ट ने यह भी पूछा है कि रात्रि 10 बजे कौन ताजिया निकालना चाहता है? सरकारी पक्ष ने इसका जवाब देने के लिए समय मांगा है। कोर्ट ने आगामी सोमवार तक इस प्रश्न का उत्तर देने का निर्देश दिया है।
इस मौके पर कार्यकारी चीफ जस्टिस ने त्योहार के दिनों में कानून व्यवस्था की रक्षा के मामले में मुंबई पुलिस की काफी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मुंबई की पुलिस बेहतरीन है। वहां की पुलिस सभी उत्सवों को बहुत बढि़या तरीके से नियंत्रित करती है। ज्ञात हो कि दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए राज्य सरकार द्वारा विज्ञप्ति जारी होने के बाद से ही आलोचनाएं शुरू हो गई थी। इस मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट में तीन अगल-अलग जनहित याचिकाएं दायर की गई थी।