WhatsApp, फेसबुक और वाइवर जैसी एप्लीकेशन पर सेफ नहीं यूजर्स की जानकारी: स्टडी

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व्हाट्सएप और फेसबुक मैसेंजर जैसी मोबाइल एप्लीकेशन का इस्तेमाल करते हैं तो सर्तक हो जाइए। इंटेंट मैसेजिंग एप्लीकेशन व्हाट्सएप, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और वाइवर जैसी एप्लीकेश पर यूजर्स का डाटा सुरक्षित नहीं है। एक रिसर्च रिपोर्ट के ‘ऑथेंटिक सेरेमनी’ चैप्टर में यूजर की जानकारी हैक होने के खतरे को कम करने पर जोर दिया गया है।
अमेरिका की ब्रिहैम यंग यूनीवर्सिटी के एक शोधकर्ता ने पाया कि फेसबुक मैसेंजर, व्हाट्सएप और वाइवर जैसी एप्लीकेशन ने यूजर्स की जानकारी को फ्रॉड और हैंकिंग के लिए छोड़ दिया गया है। क्योंकि इन कंपनियों को ऑथेंटिक सेरेमनी जैसी महत्वपूर्ण चीजों के बारे में नहीं पता है।
क्या है ऑथेंटिक सेरेमनी:
ऑथेंटिक सेरेमनी कम्युनिकेशन के लिए सुरक्षित व्यवस्था है। इस व्यवस्था में यह सुनिश्चित किया जाता है कि मोबाइल एप्लीकेशन पर जो व्यक्ति बात कर रहा है वह सही है या नहीं। किसी भी यूजर की कोई भी सेंसेटिव या गोपनीय जानकारी भेजने से पहले ऑथेंटिक सेरेमनी प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि यह जानकारी सही व्यक्ति के पास पहुंच रही है या नहीं।
बीवाईयू यूनीवर्सिटी में कम्प्युटर साइंस के स्टूडेंट इलहैम वजीरीपोर जिन्होंने यह शोध किया है उन्होंने बताया कि क्योंकि ज्यादातर लोग सेरेमनी और इसके महत्व से अभी परिचित नहीं है इसलिए ऐसा संभव है कि कोई तीसरा व्यक्ति दो लोगों कि बात को आपस में सुन रहा है।
शोधकर्ता ने इस स्टडी के लिए दो चरण में प्रयोग किये। पहले चरण में शोधकर्ता ने यूजर से अपना क्रेडिट कार्ड नंबर दूसरे यूजर के साथ शेयर करने को कहा। जानकारी शेयर करने से पहले उसे खतरे के बारे में बताया गया और उससे कहा गया कि वो यह सुनिश्चित कर ले कि सही व्यक्ति तक यह जानकारी जा रही है या नहीं। केवल 14 फीसद लोग की सफलता पूर्वक मैसेज मिलने वाले व्यक्ति की पहचान को सुनिश्चित कर पाए।
दूसरे चरण में ऑथेटिकेट सेरेमनी और उसकी महत्वता को को बताकर यूजर से जानकारी शेयर करने के लिए कहा गया। इस बार कुल 79 फीसद लोग इस प्रक्रिया में सफल हुए। हालांकि इस प्रक्रिया में यूजर को औसतना 11 मिनट का समय लगा।
विश्वविद्यालय में कम्प्युटर साइंस के ही एक दूसरे प्रोफेसर ने डेनियल जप्पाना ने बताया कि एक बार इस प्रक्रिया के बारे में बताने के बाद यूजर आसानी से इसको कर पाए। हालांकि वो इतना समय लगने से काफी परेशान दिखे।
अब शोधकर्ता ऑथेटिंक सेरेमनी की पूरी व्यवस्था को बनाने का प्रयास कर रहे हैं। जिससे यूजर्स आसानी से जल्द ही इसको इस्तेमाल कर सके। साथ ही ऐसी व्यवस्था का भी प्रयास किया जा रहा है जहां ऑटोमैटिकली जानकारी को सेफ बनाया जा सके।