यूपी पुलिस की करस्तानी, मृतक घोषित हो चुकी, गुमशुदा लड़कियां इटारसी में मिली

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लखनऊ। पुलिस की लापरवाही के किस्से तो हमेशा ही सुनने में मिल जाते है। कुछ इसी तरह की लापरवाही का किस्सा यूपी के कानपुर से प्रकाश में आया है। जहां कानपुर देहात से 11 तारीख को लापता 3 लड़कियां योगिता, हिमानी और लक्ष्मी शनिवार को मध्य प्रदेश के इटारसी से बरामद कर ली गई हैं। जबकि यूपी के कानपुर देहात की तेजतर्रार पुलिस ने दो रोज पहले इटावा में चंबल के बीहड़ों में क्वारी नदी के किनारे दो लड़कियों की लाशें मिली थीं, जिन्हें योगिता और हिमानी के शव बताए गए थे। लेकिन तीसरी लड़की लक्ष्मी का पता नहीं चला था,वहीं इन लड़कियों के अपहरण और हत्या के आरोप में लक्ष्मी के दोस्त कुलदीप के ऊपर अपहरण और हत्या का मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया था। लेकिन किरकिरी होने के बाद अब पुलिस का कहना है कि लड़कियां सही-सलामत हैं और कानपुर देहात से कन्नौज, झांसी और ग्वालियर होते हुए घूमने के लिए ये इटारसी पहुंच गई थीं।
ये पूरा मामला पुलिस की लापरवाही की एक बहुत बड़ी मिसाल है, जिसमें बिना छानबीन किए एक बेकसूर लड़के के ऊपर अपहरण और हत्या का मुकदमा भी दर्ज कर दिया गया। दूसरा बड़ा सवाल ये है कि जिन लड़कियां की लाशें चंबल में नदी के किनारे मिली थीं, आखिर वो कौन थीं। शिनाख्त के बाद उन लड़कियों के शवों को नदी में प्रवाहित कर दिया गया था। अब पुलिस ये कह रही है कि योगिता के पिता ने अपनी बेटी की लाश उसकी नाक में पहने हुए तिनके से पहचान की थी, योगिता के पिता ने लक्ष्मी के ऊपर आरोप लगाया था कि उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर वहां से इन लोगों को भगाने का प्लान बनाया था। उनका ये भी कहना था कि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के दिन लक्ष्मी ने अपनी दोनों सहेलियों के साथ कॉलेज में पार्टी की थी और कहा था कि आज तुम्हारी आखिरी पार्टी है, तीनों लड़कियां कानपुर देहात लाई जा रही हैं।मामला कुछ भी हो आने वाले दिनों में पूछताछ के बाद मामले की सच्चाई सामने आएगी। फिलहाल पुलिस की लापरवाही तो सामने आ गई है।