सोशल मीडिया के जानकारों को टेलिकॉम कंपनियों में मिल रही अच्छी सैलरी

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मुंबई:एजेंसी।इस साल जनवरी में बॉलिवुड सुपरस्टार अमिताभ बच्चन ने अपने टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइटर से ट्वीटर पर हेल्प मांगी तो प्रतिद्वंदी कंपनियां भी अपने सेवाएं ऑफर करने लगीं। कैशलेस इकॉनमी के पोस्टर बॉय विजय शेखर शर्मा ने जब इस बात का जिक्र किया कि उनके सर्विस प्रोवाइडर ने अडिशनल डेटा दी है तो दूसरी कंपनी भी बेहतर ऑफर के साथ आई गई।
कस्टमर्स के साथ त्वरित संवाद के लिए सभी इंडस्ट्रीज की कंपनियां फेसबुक, ट्विटर जैस सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं। टेलिकॉम इंडस्ट्री में, जहां कंपनियों में अभी अधिक से अधिक मार्केट शेयर हासिल करने की जोरदार उठापटक चल रही है, इस प्लैटफॉर्म का इस्तेमाल प्रॉडक्ट बेचने, कस्टमर्स के साथ जुड़े रहने और उनकी शिकायतों-मांगों को तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए किया जा रहा है।
टेलिकॉम कंपनियों की सोशल मीडिया टीम प्रतिद्वंदियों के हर कदम और अपने या दूसरी कंपनियों के असंतुष्ट ग्राहकों पर नजर रखने के लिए हर फीड देखती है। टीम से उम्मीद की जाती है कि वे समस्याओं का तुरंत समाधान प्रदान करें और इसके लिए कंपनियां सोशल मीडिया ऐनालिस्ट्स को अच्छा पैकेजे देने को तैयार रहती हैं।
टेक्नॉलजी रिसर्च फर्म Gartner के रिसर्च डायरेक्टर अंशुल गुप्ता कहते हैं, ‘टेलिकॉम कंपनियां हमेशा से कस्टमर्स के साथ बीरीकी से डील करती रही हैं और सपॉर्ट सेंटर का काम अब सोशल मीडिया पर पहुंच चुका है। टेलिकॉम, बैंक्स और कंज्यूमर अप्लायंसेस बिजनस को कंज्यूमर से जाड़ने की ताकत इस टीम में होती है, जिन्हें गलती ना दोहराना और त्वरित प्रतिक्रिया देने कि लिए प्रशिक्षित होती है।’
भारत के सबसे बड़े टेलिकॉम ऑपरेटर भारती एयरटेल के मुताबिक, सोशल मीडिया कंपनी चैनल कंपनी की प्राथमिकता पर है जो मार्केटिंग चैनल से कंज्यूमर एक्स्पीरियंस चैनल में बदल रहा है।
कंपनी का सोशल कमांड सेंटर हेडक्वॉर्टर गुड़गांव में है, जिसका नाम CLTRA है और यह तीन इकाइयों से मिलकर बना है, क्रिएटिव, ऐनालिटिक्स और रिस्पॉन्स। एयरटेल ने कहा, ‘साधारण सावलों से लेकर, विवादों का निपटान और सर्विस विजिट अलाइनमेंट तक टीम पूरी प्रक्रिया के लिए अधिकार प्राप्त है। सलाह देने वाले ट्वीट और टेक्स्ट से आगे जाते हैं।’
वोडाफोन के मार्केटिंग एग्जीक्युटिव वाइस प्रेजिडेंट सिद्धार्थ बनर्जी कहते हैं कि उनकी कंपनी की सोशल मीडिया टीम सुनिश्चित करती है कि कंज्यूमर्स के सभी सवालों के जवाब 15-20 मिनट के भीतर दे दिए जाएं। उन्होंने कहा, ‘सभी संबंधित बातचीत और चर्चा को कमांड सेंटर से पिक कर लिया जाता है और कंपनी के संबंधित साझेदार को अलर्ट कर दिया जाता है।’
बाजार में नई उतरी कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम की भी अपनी सोशल मीडिया टीम है जो उनसे संबंधित सभी विवादों और सवालों पर तुरंत प्रतिक्रिया देती है। जियो के ऐप्स जैसे जियो म्यूजिक की भी अपनी अलग सोशल मीडिया टीम है।
टेलिकॉम कंपनियां सोशल मीडिया ऐनालिस्ट्स को मोटी रकम देने को तैयार हैं। एग्यीक्युटिव सर्च फर्म Ema Partners के मुताबिक उन्हें भारतीय कंपनियों से सहमति है कि ऐसे सोशल मीडिया एक्सपर्ट्स को हायर कर सकते हैं जिनकी सैलरी सालाना 96 लाख से 1.6 करोड़ रुपये तक हो सकती है।
EMA Partners के सिनियर पार्टनर ए. रामचंद्रन कहते हैं, ‘सोशल मीडिया टीम के कैंडिडेट्स से उम्मीद की जाती है कि उन्हें बिजनस की अच्छी समझ हो और ऑपरेटिंग कॉस्ट घटाने के साथ मार्केटिंग खर्च का बेहतर रिटर्न देना जानते हों।’

 

Source: Shilpkar