पीएम मोदी को हेल्थ से लेकर रेवेन्यू तक पर मिले सुझाव

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नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सिंगल रेवेन्यू अथॉरिटी बनाने, डायग्नोस्टिक्स टेस्ट्स के लिए ई-हेल्थ कार्ड, डिजिटल ट्रांजैक्शंस को बढ़ावा देने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड को रेग्युलर क्रेडिट कार्ड में बदलने, राज्यों में ट्रेजरी सिस्टम को समाप्त करने जैसे सुझाव मिले हैं। इस तरह के लगभग 40 सुझाव उन्हें मंत्रालयों एवं विभागों के संयुक्त सचिवों और अतिरिक्त सचिवों के साथ हुई मीटिंग में दिए गए।
मोदी ने मीटिंग में उठाए गए मुद्दों में से कुछ पर अपनी राय भी दी जिन्हें सेक्रटरीज के साथ बातचीत के आधार पर बनाए जा रहे ऐक्शन प्लान में शामिल किया जा रहा है। कैबिनेट सेक्रटरी पी के सिन्हा ने सभी मिनिस्ट्रीज को इन उपायों पर विचार करने के लिए कहा है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया, ‘संबंधित मिनिस्ट्रीज और डिपार्टमेंट्स इन सुझावों पर विचार कर यह देख सकते हैं कि वे इन पर कैसे काम कर सकते हैं।’ इस पूरी प्रक्रिया का समन्वय नीति आयोग कर रहा है और वह सुझावों पर होने वाली प्रगति की भी निगरानी करेगा।
मीटिंग में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने, जिन मामलों में क्वॉलिटी पर ध्यान देने की जरूरत है उनमें प्रोक्योरमेंट के लिए L1 सिस्टम को समाप्त करने, सरकार पर कानूनी मुकदमों का बोझ कम करने के लिए इंटीग्रेटेड लीगल डिविजन बनाने, शहरी इलाकों में बिल्डिंग की परमिशन के नियमों को बदलने जैसे कुछ अन्य सुझाव भी दिए गए।
मोदी ने खुद ‘मीठी क्रांति’ या मधुमक्खियां पालने को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने, जमीन की सीमा पर पेड़ लगाने, सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले 100 जिलों पर ध्यान देने, हेल्थ इक्विपमेंट और डिवाइसेज के लिए देश की इलेक्ट्रॉनिक्स में ताकत का इस्तेमाल करने जैसे आइडियाज दिए। मॉरीशस की तर्ज पर सभी रेवेन्यू सोर्सेज को संभालने के लिए एक सेंट्रलाइज्ड रेवेन्यू अथॉरिटी बनाने का सुझाव गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (GST) के लॉन्च के कारण लागू करना पहले से आसान हो गया है। इस तरह की अथॉरिटी से इन्फॉर्मेशन की शेयरिंग में मदद मिलेगी और टैक्स की चोरी को रोका जा सकेगा।
गवर्नेंस और योजनाओं को लागू करने में सुधार के उपायों को खोजने के लिए मोदी समय-समय पर वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ इस तरह की मीटिंग करते रहते हैं। उनका मानना है कि विचारों के आदान-प्रदान से फैसले लेने की प्रक्रिया बेहतर हो सकती है। देश में डायग्नोस्टिक टेस्ट्स को सस्ता और आसान बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ कार्ड का सुझाव दिया गया है।
अधिकारियों ने मोदी को बताया कि वे अक्सर नाकाम होने के डर से फैसले नहीं करते। उनका कहना था कि इस मुश्किल से बचने का एक तरीका सफलताओं के साथ ही कोशिशों और नाकामियों के बारे में भी बात करने का है। मोदी का कहना था कि फैसले लेने की रफ्तार महत्वपूर्ण है और मीटिंग के मिनट्स तैयार करने जैसे नियमित कार्यों में 48 घंटे से अधिक का समय नहीं लगना चाहिए।