सहारा की एंबी वैली में सउदी की कंपनी ने दिखाई दिलचस्पी, 10,700 करोड़ इन्वेस्टमेंट को तैयार

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नई दिल्‍ली:एजेंसी। मॉरीशस में रजिस्‍टर्ड इन्‍वेस्‍टर रॉयल पार्टनर्स इन्‍वेस्‍टमेंट फंड ने सहारा ग्रुप की एंबी वैली प्रोजेक्‍ट में दिलचस्‍पी दिखाई है। कंपनी की ओर से कहा गया है कि इस प्रोजेक्‍ट में हम 1.67 बिलियन डॉलर यानी करीब 10,700  करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करना चाहते हैं। यह इन्‍वेस्‍टमेंट ऑफर ऐसे समय में आया है जब सुप्रीम कोर्ट ने सहारा ग्रुप की पुणे स्थित एंबे वैली टाउनशिप की नीलामी रोकने से इनकार कर दिया है। सहारा ग्रुप ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दायर करके एंबे वैली की नीलामी रोकने की अपील की थी।
 दुबई की है कंपनी
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। इससे एंबे वैली की नीलामी का रास्ता साफ हो गया है। मॉरीशस में बतौर ग्‍लोबल बिजनेस कंपनी रजिस्‍टर्ड रॉयल पार्टनर्स इन्‍वेस्‍टमेंट फंड लिमिटेड का हेडक्‍वार्टर दुबई में है। दुबई के RPMG इन्‍वेस्‍टमेंट मैनेजमेंट के पास इसका मालिकाना हक है। यह इन्‍वेस्‍टमेंट मैनेजमेंट, प्राइवेट इक्‍विटी, एसेट मैनेज्‍मेंट और प्रॉपर्टी ट्रेडिंग में एक्टिव है।
 – RPMG Investment की ओर से कहा गया, सहारा के वैली प्रोजेक्‍ट में 10 हजार करोड़ से ज्‍यादा का इन्‍वेस्‍टमेंट करना चाहते हैं। हालांकि गोपनियता का हवाला देते हुए कंपनी ने विस्‍त़ृत जानकारी देने से इंकार कर दिया।
– कंपनी ने कहा, नियम और शर्तों के मुताबिक डील को गोपनिय रखने को कहा गया है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है इसलिए हम इस पर ज्‍यादा कुछ बोलना नहीं चाहते हैं।
– सहारा ग्रुप के वकील कपिल सिब्‍बल ने कोर्ट से अपील की थी कि एंबे वैली के सेल नोटिस के पब्लिकेशन को रोका जाए।
-उन्होंने कहा था,  “इनवेस्‍टर्स के पैसे लौटाने की प्रॉसेस जारी है। पेमेंट प्‍लान के रिव्यू के लिए कुछ और समय दिया जाए। नीलामी की प्रक्रिया सितंबर तक रोक दी जाए ताकि ग्रुप को सेबी-सहारा अकाउंट में जमा करने के लिए 1,500 करोड़ रुपए जुटाने का समय मिल सके।”
 पूरा पेमेंट कर दिया तो रुक जाएगी नीलामी
 – SC ने सहारा समूह को 7 सितंबर तक सेबी के अकाउंट में 1,500 करोड़ रुपए जमा करने का आदेश दिया था। यह भी साफ किया था कि अगर ग्रुप वक्त पर सभी का पेमेंट कर देता है तो नीलामी की प्रॉसेस रोक दी जाएगी। कोर्ट ग्रुप से इन्‍स्‍टॉलमेंट में वसूली कर रहा है। अब तक ग्रुप 16,000 करोड़ रुपए का भुगतान कर चुका है।
 25 जुलाई को दिया था नीलामी का निर्देश
– 25 जुलाई को कोर्ट ने बॉम्‍बे हाई कोर्ट के ऑफिशियल लिक्विडेटर को एंबे वैली की नीलामी की प्रॉसेस शुरू करने का निर्देश दिया था। इस प्रॉसेस के पहले दो स्टेप्स में प्रॉपर्टी की बिक्री के नोटिस की पब्लिकेशन और बिडर्स को सौंपे गए KYC नॉर्म्‍स की जांच शामिल है।
 क्या है सेबी-सहारा समूह विवाद?
– सहारा ग्रुप की 2 कंपनियों-सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड (SIRECL) और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (SHICL) ने रियल एस्टेट में इन्वेस्टमेंट के नाम पर 3 करोड़ से ज्यादा इन्वेस्टर्स से 17,400 करोड़ रुपए जुटाए थे।
– सुब्रत रॉय 4 मार्च 2014 को जेल गए थे। बता दें, रॉय के अलावा उनके दो डायरेक्‍टर रवि शंकर दुबे और अशोक रॉय चौधरी को भी कोर्ट का आदेश नहीं मानने पर गिरफ्तार किया गया था। वहीं, एक दूसरी कंपनी की डायरेक्‍टर वंदना भार्गव को कस्‍टडी में नहीं लिया गया।
– सितंबर 2009 में सहारा प्राइम सिटी ने आईपीओ लाने के लिए सेबी के पास दस्तावेज जमा किए, जिसके बाद सेबी ने अगस्त 2010 में दोनों कंपनियों की जांच के आदेश दिए थे।
– कंपनियों में गड़बड़ी मिलने पर विवाद बढ़ता गया और मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह की दोनों कंपनियों को इन्वेस्टर्स के 36 हजार करोड़ रुपए लौटाने का आदेश दिया।

Source: Shilpkar