मेरे बेटे की हत्या करवा सकता है राम रहीम!

0
60

नई दिल्ली। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति और डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ पंचकूला की सीबीआई कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस मामले में मुख्य गवाह गुरमीत राम रहीम के ड्राइवर खट्टा सिंह को बनाया गया है। खट्टा सिंह ने शनिवार को कहा कि 2012 में वह राम रहीम के खिलाफ अपने बयान से इसलिए पलट गया था क्योंकि वह डर गया था। अब वह बेखौफ है। उसने कहा, ‘मुझे डर है कि राम रहीम मेरे बेटे की हत्या करवा सकता है, लेकिन इस बार मैं नहीं डरूंगा। मैं राम रहीम के सारे अपराध को कोर्ट के सामने पूरी तरह बयां करूंगा।’ खट्टा सिंह ने कहा कि राम रहीम जेल में बंद होने के बाद भी काफी शक्तिशाली है।
खट्टा सिंह वह शख्स है जो एक समय शायद राम रहीम के सबसे करीब रहते थे, क्योंकि वह नौ साल तक उनके ड्राइवर रह चुके हैं। ड्राइवर होने के चलते राम रहीम कहीं भी जाता तो खट्टा सिंह उनके साथ होते। यानी खट्टा सिंह बड़ा राजदार है। पत्रकार रामचंद्र की हत्या मामले में खट्टा सिंह साल २०१२ में गवाही से पलट गया था।
अब खट्टा सिंह ने कहा है कि वह राम रहीम के सारे राज कोर्ट को बताएंगे। खट्टा सिंह ने स्वीकार किया कि उस वक्त राम रहीम के डर से वह बयान से पलट गए थे, अब राम रहीम सलाखों के पीछे हैं, इसलिए वह हर सच से कोर्ट को अवगत कराएंगे।
मालूम हो कि साल २०१२ में राम रहीम के आश्रम की एक साध्वी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहार वाजपेयी को चिट्ठी लिखकर खुद के साथ रेप की शिकायत की थी। उस चिट्ठी में आश्रम के कई राज के बारे में लिखा था। रामचंद्र ‘पूरा सच’ नाम का अखबार चलाते थे। उन्होंने अपने अखबार में उस चिट्ठी को प्रकाशित किया था। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर २४ अक्टूबर २००२ को रामचंद्र की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसी हत्या मामले में पिछले १५ साल से सुनवाई चल रही है। राम राहीम का पूर्व ड्राइवर इस मामले में गवाह बनाया गया है। इन दोनों हत्याकांड में खट्टा सिंह की गवाही काफी मायने रखती है।