पनवेल में 1008 बार उवसग्गहरं स्तोत्र का जाप हुआ

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पनवेलः पनवेल श्री संघ के तत्वाधान में प्रखर वक्ता डॉक्टर अक्षय ज्योति के सानिध्य में प्रथम बार 1008 उवसग्गहरं स्तोत्र का जाप हुआ। इस कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता आमदार चैनसुख संचेती थे तथा मुख्य अतिथि पनवेल विधायक प्रशांत ठाकुर व कविता चौथमल जी। इस अवसर पर अविनाश चौरडिया, पारस मोदी, अनिल संचेती, नगरसेवक राजू सोनी, महापौर हिना गांधी, जिला अध्यक्ष गिरीशी बालासाहेब चोरड़िया, अनूप रमेश मुथा, निमेष राठौड़, महेंद्र दिनेश सिंघवी, प्रकाश सांखला, विमल, किरन गोलेछा, राकेश, लकी, किशोर खाबिया, बालचंद्र खरवड, विवेक जैन, प्रवीण चोरडिया, पन्ना लाल कोठारी, ललित, सुमित चौरड़िया, दिलीप नाबेटा, नितिन भंडारी, अनिल संचेती, अनिल जैन, राहुल संचेती, प्रवीण चोरडिया, मांगीलाल पामेचा, मागीलाल माण्डोत आदि भारी संख्या में भक्त गण उपस्थित थे। चैनसुख संचेती ने कहा कि देश में सबसे बड़ा योगदान जैन समाज का है। प्रशांत ठाकुर ने कहा पनवेल वासियों का असीम प्यार मुझे मिला है। जैन समाज एवं सभी से मैं प्रभावित हूं। पारस मोदी ने कहा मुंबई में अपनी ऊंचाइयों को छूता हुआ यह चतुर्मास एक अद्वितीय है। साध्वी नवकीर्ति ने भक्ति गीत पेश किया। अविनाश चोरड़िया ने कहा भक्ति में सुंदर आयोजन के लिए सभी को बधाई देता हूं। शैलेंद्र खेरोदिया, गौरव भाटिया, प्रिया चंडालिया ने अपने विचार रखे। राजेश भाटिया ने कहा इस चतुर्मास में हमें सफलता जो मिली है, उसका श्रेय साध्वी जी को जाता है। आए हुए सभी अतिथियों का उन्होंने स्वागत किया, न्यू पनवेल अंबेश पाठशाला के बच्चों ने सुंदर प्रस्तुति दी। प्राप्ति  भरतनाट्यम पर सुंदर प्रस्तुति दी। ज्योति भाटिया, संगीता संचेती ने स्वागत गीत पेश किया। मुख्य कलश के पारस रांका एवं सीमा अग्रवाल, पंकज टिकलिया एवं रिखब हाल के लाभार्थी, विलास जी संतोष जी पनवेल स्वागत के लाभार्थी, लाल चन्द्र, अशोक बोहरा, पनवेल मेवाड़ महिला सम्मेलन के लाभार्थी मुकेश सिंयाल, गौतम प्रसादी के लाभार्थी रणजीत जी पंकज जी, सिक्के के लाभार्थी अनुपम मुथा, इंदर सिंह मेहता, सुरेश कोठारी, लकी ड्रॉ के लाभार्थी रजनीश जैन दुबई, केशर के लाभार्थी मनोज पनवेल इस कार्यक्रम को सफल बनाया। पनवेल के राजेश बांठीया, नितिन मुनोत, संतोष मनोज बांठिया, आनंदीलाल सुराणा, सरुप कोठारी, निरज कोठारी, मनोज मुणोत, मेवाड़ मण्डल के महावीर कुमठ, महेन्द्र कुकडा, मनीष सुराना, ललित चण्डालिया, जयन्ती परमार, रिखब, गोरव बांठीया, निखिल मुनोथ, प्रितेश, वैभव, सुनिल लोढा, गोरव मुनोथ, प्रकाश कर्नावट, पारस हिंगड़, ज्योति बांठीया, संगीता संचेती, धन श्री, वर्षा गड़ा, सुवरूणा थे। संचालन रणजीत कागरेचा ने किया।