बीजद और तृणमूल में लगेगी सेंध!

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लोकसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल और ओड़िशा की राजनीति में बड़ी उलटफेर हो सकती है। दोनों राज्यों में सत्तारूढ़ पार्टियों में सेंध लगने वाली है। दोनों पार्टियों के कई नेता पाला बदलने के लिए तैयार बैठे हैं और भाजपा की हरी झंडी मिलने के बाद वे अपना अगला कदम उठाएंगे। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में ममता के करीबी रहे कम से कम चार सांसद पार्टी छोड़ सकते हैं। बीजू जनता दल के भी दो तीन सांसदों के पाला बदलने की चर्चा है। दोनों राज्यों में पाला बदलने के लिए तैयार बैठे विधायकों की संख्या ज्यादा है।

जानकार सूत्रों का कहना है कि ममता बनर्जी की करीबी मुकुल रॉय पार्टी छोड़ेंगे। पिछले दिनों तृणमूल कांग्रेस ने उनको संसदीय समिति से हटाया है। हालांकि पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव के समय ममता बनर्जी के साथ उनका पैचअप हो गया था। लेकिन अब फिर ममता ने उनको अलग थलग किया है। पिछले दिनों मुकुल रॉय ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। उसके बाद से उनके पार्टी छोड़ने की चर्चा तेज हुई। तृणमूल के एक और सांसद दिनेश त्रिवेदी के तो केंद्र सरकार में मंत्री बनने की चर्चा भी शुरू हो गई थी।

जानकार सूत्रों का कहना है कि दिनेश त्रिवेदी भी तृणमूल छोड़ कर भाजपा में जा सकते हैं। रोज वैली और सारदा चिटफंड घोटाले में फंसे दो और सांसदों के भी पाला बदलने की चर्चा है। उधर ओड़िशा में बीजद सांसद वैजयंत पांडा के भाजपा के साथ जाने की खबरें पिछले कुछ दिनों से चल रही है। भाजपा के जानकार सूत्रों का कहना है कि पांडा के साथ ही कुछ और सांसद पाला बदलने को तैयार हैं। लेकिन भाजपा अभी जल्दी नहीं करना चाहती है क्योंकि उसे कोई उपचुनाव नहीं कराना है। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले बीजद और तृणमूल कांग्रेस के सांसदों और विधायकों को भाजपा में शामिल कराया जाएगा।