भूखे नहीं मर रहे कार और बाइक वाले, पेट्रोल की महंगाई पर मोदी के मंत्री का बयान

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    नई दिल्लीः पेट्रोल के बढ़ते दामों पर विपक्ष के हमलों और आम लोगों की नाराजगी का सामना कर रही केंद्र की मोदी सरकार के मंत्री अब ऐसा बयान दे रहे हैं जो लोगों की नाराजगी को और बढ़ा सकता है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री अल्फोंस कन्नाथनम ने शनिवार को कहा कि जो लोग कार और बाइक चलाते हैं, वे भूखे नहीं मर रहे हैं और पेट्रोल खरीदने की क्षमता रखते हैं। पेट्रोल के बढ़ते दामों पर पूछे गए सवाल के जवाब में अल्फोंस ने यह बात कही। इसके पहले केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी कह चुके हैं कि पेट्रोल के बढ़ते दामों का सरकार कुछ नहीं कर सकती।
    फ्यूल प्राइस में लगातार बढ़ोतरी की वजहों को समझाने की कोशिश कर रहे अल्फोंस ने शनिवार को कहा, ‘पेट्रोल कौन खरीदता है? वही जिसके पास कार होती है या बाइक होती है और निश्चित रूप से वह भूखा नहीं मर रहा होता। वह भुगतान कर सकता है और उसे करना ही पड़ेगा।’
    पेट्रोल के बढ़ते दामों पर सरकार की यह कहकर आलोचना की जा रही है कि सरकार के ज्यादा टैक्स वसूलने की वजह से पेट्रोल महंगा हुआ है। इसका जवाब देते हुए अल्फोंस ने कहा कि सरकार को गरीबों का कल्याण करना है और इसलिए सरकार अमीरों पर ज्यादा टैक्स लगा रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘हम टैक्स लगा रहे हैं ताकि गरीब तबका प्रतिष्ठित जिंदगी जी सके। आज जो पैसा हम जमा कर रहे हैं, यह हमारे द्वारा चुराया नहीं जा रहा है।’
    अल्फोंस ने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए काफी पैसे की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि सरकार गरीब तबके के लिए घरों और शौचालयों के निर्माण कराने और हर गांव तक बिजली पहुंचाने के लिए काम कर रही है और इसके लिए पैसे की जरूरत होती है।
    बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा फ्यूल की कीमतों में रोज समीक्षा की नीति लागू करने के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। मुंबई में तो पेट्रोल के दाम लगभग 80 रुपये तक पहुंच गए हैं। मंगलवार को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 70.38 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 79.48 रुपये प्रति लीटर रही थी। गौरतलब है कि विपक्ष में रहने के दौरान बीजेपी पेट्रोल के दाम बढ़ने का कड़ा विरोध किया करती थी। इतना ही नहीं, बीजेपी ने कई बार इसे लेकर सड़कों पर प्रदर्शन भी किया था। इसके अलावा 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान बीजेपी ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया था।