ग्लेमर से भरपूर कैरियर है रेडियो जॉकी

0
43

रेडियो जॉकी का कैरियर काफी लोगो को पसन्द होता है यह कैरियर ग्लेमर से भरपूर होता है। रेडियो एक ब्लाइंड मीडियम है, जिसमें आपको अपनी बात पहुंचाने के लिए शक्तिशाली और प्रभावशाली स्क्रिप्ट एवं सही साउंड इफेक्ट का इस्तेमाल करना पड़ता है। आजकल बड़ी संख्या में काफी सारे एफएम चैनल में रेडियो जॉकी की जॉब मिल जाती हैं। कई सारे आरजे ने देश स्तर पर नाम कमाया है। तो चलिए विस्तार में जानते हैं कि रेडियो जॉकी कैसे बने… एक रेडियो जॉकी का काम सिर्फ रेडियो शो को होस्ट या प्रेजेंट करना ही नहीं होता बल्कि उनके कार्यक्षेत्र में म्यूजिक प्रोग्रामिंग, रेडियो एडवरटाइजिंग करने से लेकर पटकथा लेखन, ऑडियो मैगजीन व डाक्यूमेंट्री भी पेश करने होते हैं। सबसे पहले तो आपको यह समझना होगा कि रेडियो जॉकी की जॉब सुबह 9 से शाम 5 की रेगुलर नौकरी नहीं है। समय अनियमित हो सकता है। रेडियो में आपको दिन या रात कभी भी शो होस्ट करना होता है। रेडियो जॉकी को न सिर्फ देश-विदेश में होने वाली गतिविधियों की जानकारी होनी चाहिए बल्कि उसे अपने शहर की सांस्कृतिक गतिविधियों के बारे में भी पता होना चाहिए ताकि वह अपने शो को और भी बेहतर व सूचना दायक बना सके। वैसे तो आरजे अपने शो से पहले पटकथा लिखते हैं, लेकिन फिर भी आपको शो के दौरान चेंज करना आना चाहिए। रेडियो जॉकी बनने के लिए आपका स्पॉनटेनियस होना आवश्यक है। आज रेडियो इंडस्ट्री भारत की बड़ी इंडस्ट्री में से एक है। हालांकि रेडियो इंडस्ट्री काफी पुरानी है लेकिन फिर भी पिछले कुछ समय में इस क्षेत्र ने बहुआयामी तरक्की की है। इस समय देश में बहुत से रेडियो चैनल्स उपलब्ध हैं, जिन्हें लोगों द्वारा काफी सराहा जा रहा है। इन रेडियो स्टेशन पर काम करने वाले रेडियो जॉकी अपने अंदाज, अपनी योग्यता और स्किल के दम पर लोगों के काफी प्रिय हो जाते हैं। रेडियो मोबाइल के माध्यम से अब घरों से निकलकर लोगों के हाथों तक पहुंच गया है। लोग बसों में सफर करते हुए, कार चलाते हुए यहां तक कि पैदल चलते हुए भी रेडियो सुनना पसंद करते हैं। रेडियो जॉकी बनने के लिए जरूरी स्किल्स: एक आरजे का न सिर्फ एक बेहतर वक्ता होना आवश्यक है बल्कि उसे हर स्थिति को अच्छे से हैंडल करना भी आना चाहिए। साथ ही आपमें प्रस्तुतिकरण जिसे हम प्रेजेंटेशन स्किल भी कहते हैं की योग्यता बेहतर होना चाहिए। अपने स्किल के दम पर बहुत सारे रेडियो जॉकी ने बहुत कम समय में काफी अच्छा नाम कमाया है। उदहारण के तौर पर रेडियो जॉकी नवेद या फिर स्टोरी टेलर निलेश मिश्रा। रेडियो जॉकी के लिए जरूरी खासियत: एक रेडियो जॉकी या आरजे बनने लिए आपके अन्दर आत्मविश्वास व हाजिरजवाबी जैसे गुणों का होना अनिवार्य है। उच्चारण और स्पष्टता:- आपकी आवाज प्रभावशाली होने के साथ-साथ आपका उच्चारण बेहद साफ व आपका अपनी आवाज पर नियंत्रण भी होना बहुत जरूरी है। आपमें अंदर यह काबिलियत होनी चाहिए कि आप अपनी आवाज के उतार-चढ़ाव और माहौल के अनुसार अपने प्रेजेंटेशन के द्वारा लोगों को अपनी ओर खींच सकें। मोटेतौर पर देखें तो ये उच्चारण और स्पष्टता एक जैसे लगते हैं लेकिन उच्चारण जहां बोलने का सही और सटीक तरीका है, बोलने का एक मानक फॉर्म है, वहीं स्पष्टता का संबंध साफ बोलने से है यानी आपने क्या बोला और दूसरे तक आपकी बात कितनी सही-सही पहुंची। यह ध्वनि के सोर्स से टारगेट तक पहुंचने की प्रक्रिया है और देखने वाली बात यह है कि यह क्रिया कितनी सटीकता से श्रोता तक पहुंची। दोनों में अंतर है। तो उच्चारण से पहले यह जान लेते हैं कि बोलने में स्पष्टता का महत्व कितना है? कई बार हम अपने माहौल से इस कदर प्रभावित होते हैं कि एक खास तरीके से बोलने लगते हैं। साथ ही एक आरजे को हर उम्र के लोगों का मनोरंजन करना होता है, इसलिए उसका बात करने का तरीका भी ऐसा होना चाहिए कि वह हर उम्र के लोगों को प्रभावित और उनका मनोरंजन कर सके। अगर आप चाहते हैं कि लोग आपको एक आरजे के तौर पर पसंद करें तो आपका अपना खुद का स्टाइल मौलिक होना चाहिए। आपको मिमिक्री, स्थानीय बोली व कॉमेडी (मगर अशिष्ट नहीं) करना भी आना चाहिए ताकि आप अपने शो को और भी ज्यादा असरदार और मजे से भरा हुआ बना सकें। एक आरजे का संगीत प्रेमी होना भी बेहद आवश्यक है। आपको सिर्फ बॉलीवुड या इंडियन म्यूजिक ही नहीं बल्कि इंटरनेशनल म्यूजिक और उसके ट्रेंड के बारे में पर्याप्त जानकारी होनी चाहिए। रेडियो जॉकी बनने के लिए योग्यता क्या चाहिए: वैसे तो आरजे बनने के लिए कोई प्रोफेशनल कोर्स करना बेहद आवश्यक नहीं है लेकिन फिर भी अपने गुणों को और ज्यादा निखारने के लिए आप इंटरमीडिएट के बाद किसी संस्थान से डिग्री या डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं। आज देश में ऐसे बहुत से संस्थान हैं जो रेडियो जॉकी बनने के लिए प्रोफेशनल डिग्री व डिप्लोमा कोर्स कराते हैं। कोर्सेज कौन कौन से हैं… -डिप्लोमा इन रेडियो प्रोग्रामिंग व ब्रॉडकास्ट मैनेजमेंट। -डिप्लोमा इन रेडियो प्रोडक्शन व रेडियो जॉकी। -पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रेडियो एंड ब्रॉडकास्ट मैनेजमेंट। -सर्टिफिकेट कोर्स इन रेडियो जॉकिंग। रेडियो जॉकी करियर में क्या क्या हैं संभावनाएं: मीडिया इंडस्ट्री में रेडियो जॉकी के लिए काम की कोई कमी नहीं है। आप एआईआर से लेकर टाइम्स एफएम, रेडियो मिड-डे, रेडियो वाणी व अन्य रेडियो स्टेशंस में जॉब के लिए अप्लाई कर सकते हैं। थोड़े अनुभव के बाद आप वॉइस ओवर कमर्शियल, लाइव शो होस्ट, टेलीविजन शो व फिल्मों के लिए भी ट्राई कर सकते हैं। रेडियो जॉकी की सैलरी कितनी होती है: इस क्षेत्र में आपकी आमदनी आपके अनुभव व लोगों के प्रतिक्रिया पर निर्भर करती है। शुरूआती दौर में, आपको 10 हजार से लेकर 18 हजार रूपए तक आसानी से मिल जाएंगे। वहीं कुछ सालों का अनुभव प्राप्त करने के बाद, नाम होने के बाद व लोगों का प्यार मिलने से आप हर शो के लिए 3000 से 4000 हजार रूपए चार्ज कर सकते हैं। अलग- अलग एफएम चैनल से आपको सैलरी बढ़ा कर काम करने के अवसर भी प्राप्त होते हैं। रेडियो जॉकी के अध्ययन के लिए मुख्य संस्थान… -जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली। -द मुद्रा इंस्टीटयूट ऑफ मास कम्युनिकेशन, अहमदाबाद। -माखनलाल चतुर्वेदी राष्टीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, विभिन्न केन्द्र। -रेडियो सिटी स्कूल ऑफ ब्रॉडकास्टिंग, मुम्बई। -इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ मास कम्युनिकेशन, नई दिल्ली। -जेवियर इंस्टीटयूट ऑफ कम्युनिकेशंस, मुम्बई।