अगर ट्रेन से घूमने जा रहे हैं तो समझें अपने रेलवे टिकट को

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1- ट्रेन के टिकट में पीएनआर नंबर होता है जिसे पैसेंजर नेम रिकॉर्ड कहा जाता है। यह दस नंबरो का यूनीक डिजिट नंबर होता है। अगर आप फर्स्‍ट एसी स्‍लीपर, फर्स्‍ट क्‍लास नॉन एसी या आप की टिकट आरएसी और वेटिंग लिस्‍ट में है तो आप पीएनआर नंबर की सहायता से अपनी टिकट का स्‍टेटस चेक कर सकते हैं।
2- हर टिकट में ट्रेन नंबर लिखा होता है। इसके अलावा आप किस तारीख को यात्रा कर रहे हैं और कितने लोग जिसमें बच्‍चे और वयस्‍क दोनो शामिल हैं इसका जिक्र होता है।
3- टिकट नंबर और पीएनआर में अंतर होता है। टिकट नंबर बहुत ज्‍यादा जरूरी तो नहीं होता है पर यह आप के टिकट का आइडेंटिटी नंबर होता है।
4- इस जगह पर आप को यात्रा शुरु करने की जगह से यात्रा खत्‍म करने की जगह का वर्णन होता है। साथ ही आप किस क्‍लास में यात्रा कर रहे हैं या करनी है लिखा होता है। जैसे फर्स्‍ट एसी, सेकेंड एसी और स्‍लीपर आदि।
5- यहां पर आप को कोच, सीट नंबर और बर्थ डिटेल होती है। सबसे पहले कोच नंबर लिखा होता है। इसके बाद सीट नंबर और फिर आप की बर्थ कहां है यह लिखा होता है। जैसे लोअर बर्थ, अपर बर्थ, मिडिल बर्थ आदि। अगर आप की सीट कन्‍फर्म होती है तो कोच नंबर सीट नंबर और बर्थ डिटेल दी होती है। यदि आप की टिकट कन्‍फर्म नहीं है तो आप पीएनआर नंबर से अपनी टिकट का स्‍टेटस चेक कर सकते हैं।
6- यहां पर आप को जेंडर के बारे में पता लगेगा कि यात्रा करने वाला मेल है या फीमेल है। अगर आप काउंटर से टिकट बुक करते हैं तो उस पर नाम नहीं होता है। यह एक सिक्‍योरिटी फीचर है। यदि आपका टिकट गुम हो जाता है तो इसे कोई और रिफंड नहीं करा सकता है क्‍योंकि उसे आप का नाम नहीं पता होगा।
7- यहां पर आप को यात्रा का किराया अंको और शब्‍दों में लिखा होगा। यहां पर रिजर्वेशन फीस, सुपरफास्‍ट सरचार्ज और सर्विस टैक्‍स भी लिखा होता है। यह राशि टिकट पर दिये गये सभी यात्रियों की होती है ना कि सिर्फ एक की।
8- यहां पर आप को ट्रेन का नाम मिलता है जिससे आप यात्रा करने वाले हैं। उसके आगे आप कहां तक यात्रा करने वाले हैं वह लिखा होता है।

9- यहां पर ट्रेन किस दिन किस समय और किस स्‍टेशन से छूटे की इसकी जानकारी दी जाती है। यहां पर तारीख के साथ ट्रेन छूटने और यात्रा के स्‍थान पर ट्रेन पहुंचने का समय दिया होता है।