अपनी आखिरी रेस पूरी नहीं कर पाए उसेन बोल्ट

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लंदन। दुनिया के महानतम ऐथलीटों में शुमार जमैका के फर्राटा धावक उसेन बोल्ट ट्रैक से सुनहरी विदाई नहीं ले पाए। बोल्ट जमैका की 4 गुणा 100 मीटर की टीम में शामिल थे। उन्हें आखिरी लैप में दौड़ लगानी थी। उनकी टीम के 3 धावकों ने अपना लैप पूरा किया लेकिन अंतिन लैप में बोल्ट कुछ दूर दौड़ने के बाद चोटिल हो गए और मैदान पर गिर गए। इसके साथ ही वह अपनी दौड़ पूरी नहीं कर पाए। इस स्पर्धा का गोल्ड मेजबान ग्रेट ब्रिटेन की टीम को मिला। अमेरिकी रिले टीम ने सिल्वर और जापान ने ब्रॉन्ज मेडल जीता।
30 वर्षीय बोल्ट ने जब बैटन थामी तो उनके आगे दो प्रतिस्पर्धी थे। बोल्ट ने उनसे आगे निकलने के लिए जोर लगाया लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाए। थोड़ी दूर दौड़ने के बाद ही वह बाईं टांग की मांसपेशियों में चोट के कारण अचानक रुक गए। वह लड़खड़ाने लगे और कुछ देर में जमीन पर गिर गए।
बोल्ट नीचे गिरे हुए थे। उनके लिए वीलचेयर लाई गई लेकिन उन्होंने इस पर बैठने से इनकार कर दिया। दुनिया के सर्वकालिक सबसे तेज इनसान ने अपनी टीम के साथियों के कंधे का सहारा लेकर आखिरी 30 मीटर लड़खड़ाते हुए पूरे किए।


आधिकारिक नतीजा यही रहा कि जमैका की टीम ने अपनी रेस पूरी नहीं की लेकिन करियर में 19 मेजर चैंपियनशिप जीतने वाले बोल्ट अपनी आखिरी रेस पूरी करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध थे।
बोल्ट के मन में यही चल रहा था वह अपनी टीम के साथियों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाए।
जमैका की टीम के धावक मैकलॉड ने कहा, ‘वह लगातार हमसे माफी मांगे जा रहे थे लेकिन हमने उनसे कहा कि ऐसा करने की कोई जरूरत नहीं है।’ उन्होंने कहा कि उसेन बोल्ट का नाम हमेशा जिंदा रहेगा।’