भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया: इस बार कलाई के जादूगरों पर दारोमदार

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चेन्नै:पिछली बार ऑस्ट्रेलियाई टीम जब भारत के दौरे पर आई थी तब वनडे मैचों में खूब रन बने। इस बार दोनों टीमें रनों की बरसात पर लगाम लगाने की तैयारी में हैं। इसके लिए बीच के ओवरों में विकेट का गिरता रहना जरूरी है। ऐसे में दोनों टीमें कलाई के स्पिनर्स पर भरोसा दिखाती नजर आ रही हैं। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ पहले ही साफ कर चुके हैं कि उनके लेग स्पिनर एडम चंपा अंतिम एकादश का हिस्सा बनेंगे। वहीं, भारत के पास चाइनामैन (बाएं हाथ की कलाई से स्पिन कराने वाला) कुलदीप यादव और लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल हैं।
ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को सबसे अधिक चिंता चाइनामैन कुलदीप यादव की है। कुलदीप यादव की चुनौती से निपटने के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम ने भारत के ही एक दूसरे चाइनामैन गेंदबाज की मदद ली है। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने इसके लिए केरल के चाइनामैन गेंदबाद केके जियस की गेंदबाजी पर प्रैक्टिस की है। दिल्ली डेयरडेविल्स के इस पूर्व गेंदबाज ने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्मिथ समेत अन्य को प्रैक्टिस करवाई है।
जियस ने बताया, ‘एस श्रीराम (ऑस्ट्रेलियाई टीम के कंसल्टेंट) ने मुझे अपने बल्लेबाजों के खिलाफ गेंदबाजी करने को कहा था। डेविड वॉर्नर और फिंच (दोनों घायल) को छोड़कर मैंने सभी टॉप बल्लेबाजों के खिलाफ गेंदबाजी की। कुछ को मुझे खेलने में दिक्कत आई। ग्लेन मैक्सवेल और फॉकनर ने मेरी गेंदों पर इनसाइड आउट शॉट खेले और मिडविकेट के ऊपर से उठाकर मारा।’
ऑस्ट्रेलिया के लेफ्ट आर्म स्पिनर एश्टन अगर ने भी कहा है कि इस सीरीज में कलाई के स्पिनर्स की अहम भूमिका होगी। एश्टन ने कहा कि लेफ्ट आर्म स्पिनर्स को स्पिन के लिए मददगार विकेट की भी जरूरत नहीं है। एक बार लाइट्स ऑन हो जाने के बाद उनको खेलना मुश्किल होगा। हाल के दिनों में भारत को भी गैरपरंपरागत गेंदबाजी करने वाले स्पिनर्स की जरूरत महसूस हुई है। चैंपियंस ट्रोफी में पाकिस्तान से मिली हार ने इस जरूरत को और भी अहम बनाया है, जब स्पिन को खेलने में माहिर बल्लेबाजों के सामने अश्विन और जडेजा कुछ खास नहीं कर पाए थे।
वहीं, कुलदीप और चहल ने सीमित मौकों में अच्छा खेल दिखाया है। कलाई के स्पिनर्स महंगे साबित होते हैं, ऐसी धारणा के बावजूद वनडे में इन दोनों की इकॉनमी (क्रमश: 3.9 और 4.14 ) बेहतर है। टीम इंडिया के उप कप्तान रोहित शर्मा ने भी इन स्पिनर्स के महत्व पर बल दिया है। रोहित शर्मा इन्हें रहस्यमयी स्पिनर्स के तौर पर ले रहे हैं। उनका कहना है कि आप कभी नहीं जान सकते कि वे कैसी गेंद फेंकने जा रहे हैं। रोहित का मानना है कि ऐसे गेंदबाजों का टीम में होना किसी भी कप्तान के लिए राहत की बात है।