गोरखपुर मामलाः बीआरडी मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल निलंबित, बोले- दिया इस्तीफा

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गोरखपुरः बाबा राघव दास मेडिकल कालेज में बच्चों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने आज मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. राजीव मिश्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा कि लापरवाही के चलते बीआरडी मेडिकल कालेज के प्राचार्य को तत्काल प्रभा​व से निलंबित कर दिया गया है। जबकि खुद प्रिंसिपल ने कहा है कि उन्होंने बच्चों की मौत की जिम्मेदारी लेते हुए निलंबन से पहले इस्तीफा दे दिया था।
इससे सिद्धार्थनाथ सिंह ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस घटना की पूरी जानकारी दी। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि किसी भी बच्चे की मौत ऑक्सिजन की कमी के कारण नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि बच्चों की मौत के पीछे कई अन्य कारण भी हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने यह जरूर माना कि रात 11.30 से सुबह 1.30 बजे तक ऑक्सिजन की सप्लाइ जरूर बाधित हुई थी, लेकिन गैस सिलिंडर से ऑक्सिजन की कमी को पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूपी की सरकार संवेदनशील सरकार है और मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साथ ही कहा कि 9 अगस्त को सीएम योगी आदित्यनाथ के दौरे के दौरान उन्हें अस्पताल में गैस की कमी की कोई जानकारी नहीं दी गई थी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट करके कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गोरखपुर घटना की जानकारी मांगी है। उनके निर्देश पर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा और राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने भी घटना की सूचना मांगी है। योगी ने अपने आधिकारिक टि्वटर हैण्डल के जरिए सूचित किया कि केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल स्थिति का मौके पर जायजा लेने के लिए बीआरडी मेडिकल कालेज पहुंच रही हैं।

गोरखपुर हादसाः मृतक बच्चों की संख्या 63, प्रशासन का ऑक्सीजन की कमी से इंकार !
गोरखपुर के सरकारी अस्पताल में पिछले 6 दिनों से भीतर 63 मासूम बच्चों की मौत के बाद घमासान मच गया है। गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज 69 लाख रुपये का भुगतान ना होने की वजह से ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली फर्म ने ऑक्सीजन की सप्लाई गुरुवार की रात से ठप कर दी थी। इसके बाद यहां ऑक्सीजन की कमी से 63 बच्चों ने दम तोड़ दिया, हालांकि अस्पताल प्रशासन ने ऑक्सीजन की कमी की बात से इनकार किया है।
यूपी सरकार के मंत्री में इसे सरकारी लापरवाही का मामला नहीं मान रहे हैं। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने गोरखपुर की घटना पर कहा है कि विपक्षी हड़बड़ी में है और प्रदेश की सरकार जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ यूपी सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी। यूपी सरकार में मंत्री आशुतोष टंडन का कहना है कि सीएम योगी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं, उन्होंने मुझसे और स्वास्थ्य मंत्री से जानकारी भी मांगी है। टंडन ने कहा कि हमने गोरखपुर से लौटकर सीएम को पूरे मामले की रिपोर्ट देंगे।
वहीं सूबे के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह की अस्पताल प्रशासन के साथ बैठक की है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को बच्ची की मौत पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने भी यूपी सरकार से मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल को गोरखपुर का दौरा कर मामले की जानकारी लेने के निर्देश दिए हैं। विपक्ष इस पूरे मामले को लेकर यूपी सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल गुलाम नबी आजाद की अगुवाई में गोरखपुर पहुंचा और पीड़ितों से मुलाकात की।
यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा है कि योगी सरकार मामले की सच्चाई छिपा रही है। उन्होंने आरोप लगा कि मृतक बच्चों का पोस्ट मार्टम किए बिना ही परिजनों को शव सौंप दिए गए ताकि सच सामने ना आ सके। अखिलेश यादव सरकार से पीड़ित परिजनों को 20-20 लाख रुपए का मुआवजा देने की मांग की है। यूपी की पूर्व सीएम और बीएसपी चीफ मायावती ने गोरखपुर की घटना पर कहा है कि यूपी सरकार की जितनी निंदी जाए उतनी कम है।