यूपी : कैबिनेट मंत्री की बहन के अपहरण की कोशिश

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बरेली : बरेली में दिनदहाड़े कैबिनेट मिनिस्टर मुख्तार अब्बास नकवी की बहन फरहत नकवी को कार सवार बदमाशों ने उठाने का प्रयास किया है। घटना शहर के सबसे व्यस्तम चौकी चौराहे पर हुई। बदमाशों के चंगुल से बचने के बाद फरहत ने पूरी आपबीती सुनाई। जानिए पूरा वाकया उन्हीं की जुबानी –

जिस ई रिक्शा में बैठी थी उसे पुलिस लाइंस से चौकी चौराहे तक आने में मुश्किल से पांच मिनट का वक्त लगा होगा। मगर बदमाशों की गालियों ने मेरा सफर बहुत लंबा कर दिया। मैं उनको अनसुना करके ऊपर वाले से दुआ करती रही कि कैसे भी मैं चौकी चौराहे तक पहुंच जाऊं। चौकी चौराहे पर पुलिस देखकर मेरी जान में जान आई तो मैंने शोर मचा दिया। भागने से पहले बदमाश मुझे अंजाम भुगतने की चेतावनी दे गए।
हाल ही में एक युवती फरहीन ने पुराने शहर के एक लड़के पर भरोसा करके उससे लव मैरिज की। उसके मां-बाप ने बताया कि उसके शौहर ने उसे बेदर्दी सेमार डाला। बेबस मां-बाप की हालत देखकर मैंने उन्हें इंसाफ दिलाने की ठानी। शनिवार को मैं फरहीन के कातिलों की गिरफ्तार की मांग लेकर एसएसपी ऑफिस पहुंची। वहां एसपी क्राइम को मैंने पूरा मामला बताया।

इसके बाद में गुलाबनगर की सोनी के लिए इंसाफ मांगने पुलिस लाइंस पहुंची। सोनी का ससुराल अलीगढ़ में है। उसका परिवार वालों के साथ दहेज का विवाद चल रहा है। काउंसलर खलील कादरी के साथ बात करने के बाद मैं वहां से लौटआई।

मुझे किसी काम से बटलर प्लाजा जाना था। मैं रोड क्रॉस करके बाईं तरफ आईतो वहां एक क्रीम कलर की कार खड़ी थी। मेरे उस तरफ जाते ही कार में बैठे युवक ने हाथ से इशारा किया और पास आने को कहा। मैं उन्हें नहीं जानती थी। इसलिए नहीं गई। इतने में ई-रिक्शा आ गया तो मैं उसमें बैठकर चौकी चौराहेकी ओर चल दी।

कार वालों ने मेरा पीछा करना शुरू कर दिया। कार को ई रिक्शा से सटाने केबाद वो मुझे गंदी-गंदी गालियां देते रहे और लगातार उतर जाने को कहते रहे।ई रिक्शा वाले ने रोकने की कोशिश की तो मैंने उससे ऐसा न करने को कहाऔर चौकी चौराहे तक पहुंचने की दुआ करती रही। ई रिक्शा में बैठे बाकी यात्री मुझे अजीबोगरीब नजरों से देखते रहे। मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था और मैंघबराई हुई भी थी।

चौकी चौराहे पर ई-रिक्शा रुका तो कार मेरे ठीक सामने रुक गई। उसमें बैठेलोगों ने मुझे फिर पास बुलाया। सामने पुलिस चौकी और महिला थाना है। ऐसेमें मेरी हिम्मत बढ़ गई। कार सवारों की हरकत से मैं गुस्से में थी। सोचा थोड़ा पास जाकर जोर से डांट लगाऊं। मगर हुआ उल्टा। कार के पास पहुंची तो धमकी मिली- आजकल बहुत उड़ रही हो फरहत, ऐसा हाल करेंगे कि सोचा नहींहोगा। संभल जाओ, वरना अंजाम बहुत बुरा होगा। उनके इरादे भांपकर मैंने शोर मचा दिया। पास खड़ी महिलाएं और लोग जुटने लगे तो कार तेजी सेअयूब खां चौराहे की ओर भाग गई।

जारी रहेगी इंसाफ की लड़ाई
मेरे साथ ऐसा पहली बार नहीं हुआ। पहले भी तमाम धमकियां मिली हैं। मगरइन धमकियों से मैं डरने वाली नहीं हूं। महिलाओं को उनका हक दिलाने केलिए मैंने मेरा हक फाउंडेशन के बैनर तले जो लड़ाई शुरू की है वह जारी रहेगी।मैंने तलाक का दर्द सहा है। अब ऐसी महिलाओं को उनका हक दिलाना ही मेरेजीवन का मकसद है