राहुल गांधी की सांसद निधि पर ब्रेक्र, पिछली 3 किस्त नहीं पहुंची

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लखनऊ। कांग्रेस उपाध्यक्ष और अमेठी सांसद राहुल गांधी की सांसद निधि पर ब्रेक लग गया है। निधि की पिछली तीन किस्त नहीं पहुंची हैं। जिसके चलते करीब पौने 5 करोड़ रुपये के प्रस्ताव जिला प्रशासन में स्वीकृत होने के बावजूद, विकास कार्य ठप हैं। आखिरी बार राहुल गांधी के सांसद निधि खाते में 2015-16 में पैसा आया था। इसके बाद न तो रकम आई और न ही तत्कालीन जिला प्रशासन ने इसका कारण जानने की कोशिश की। नतीजा यह हुआ कि साल 2016-17 पूरा बीत गया। काम के प्रस्ताव जिला प्रशासन में ही पड़े रहे।
जिला कांग्रेस कमिटी का दावा है कि काम की स्वीकृति के बाद भी जब वे शुरू नहीं हुए तो पार्टी के पदाधिकारी और सांसद प्रतिनिधि ने जिला प्रशासन से बात की। हर बार यह कहते हुए टरका दिया जाता था कि काम के लिए कार्यदायी संस्था और समय मांग रही है। इस तरह पूरा साल बीत गया। इस वित्तीय वर्ष के भी छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन न तो रकम आई और न ही काम शुरू हुआ।
संपर्क मार्ग से लेकर सोलर प्लांट तक रुका
जिला कांग्रेस का दावा है कि करीब पौने 5 करोड़ रुपये के काम सांसद निधि से स्वीकृत है। इनमें 463 संपर्क मार्ग, सोलर प्लांट, यात्री प्रतीक्षालय, करीब आधा दर्जन बारातघर और स्कूलों की मरम्मत समेत कई काम थे। यह सब काम ठप हुए।
यहां फंसा है पेंच
अमेठी संसदीय क्षेत्र तीन जिलों में आता है। इसका एक बड़ा हिस्सा अमेठी जिले का है जबकि सुलतानपुर और रायबरेली में भी लोकसभा का कुछ हिस्सा आता है। केंद्र सरकार से आने वाली सांसद निधि का पैसा पहले अमेठी में आता है। यहां दिए गए प्रस्ताव के बाद अन्य जिलों में यह पैसा काम के मुताबिक ट्रांसफर होता है। माना जा रहा है कि किसी जिले में हुए काम का उपभोग प्रमाण पत्र नहीं दिया गया है, इसकी वजह से ग्रांट रुकी।
यह है नियम
सांसद निधि का सालाना बजट पांच करोड़ रुपये होता है। यह दो किस्तों में भेजा जाता है। नियम के मुताबिक सांसद को विकास कार्यों का प्रस्ताव देना होता है। जिला प्रशासन को सीधे केंद्र से पैसा मिलता है। कार्य योजना के मुताबिक विकास कार्य पूरा हो जाने के बाद प्रशासन केंद्र सरकार को उपभोग प्रमाणपत्र भेजता है। इसके बाद ही अगली किस्त जारी होती है।
योगेश कुमार, डीएम, अमेठी का कहना है, ‘जो हुआ है, पिछली सरकार के समय में हुआ है। आचार संहिता के दौरान निधि जारी नहीं होती। उसके बाद अब तक नहीं आई है। हमने यूसी भेज दिया है। जल्द निधि जारी होगी।’
अनिल सिंह, प्रवक्ता, कांग्रेस कमिटी, अमेठी ने बताया, ‘कई प्रस्ताव पिछले काफी समय से लंबित हैं। पहले भी इसके बारे में पूछताछ की गई थी, लेकिन हर बार डीएम बताते थे कि कार्यदायी संस्था और समय मांग रही है। हालांकि अब यह सच्चाई पता चली है कि पिछली तीन किस्तें ही नहीं आई हैं।’
राज बब्बर, अध्यक्ष, यूपी कांग्रेस ने राजनीतिक षड्यंत्र का आरोप लगाते हुए कहा, ‘यह पॉलिटिकल इन्टेंशन से हो रहा है। जहां-जहां बीजेपी की सरकार हैं वहां कांग्रेस के एमपी को ऐसी दिककतें झेलनी पड़ रही हैं। यूसी नहीं दे रहे। यह सब केवल इसलिए हो रहा है ताकि वे चुनाव के समय कह सकें कि सांसद निधि तक खर्च नहीं की गई।’