आदमखोर बाघिन को गोली मारने के आदेश पर रोक से HC का इनकार

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सांकेतिक तस्वीर

नागपुर। बॉम्बे हाइकोर्ट की नागपुर बेंच ने एक आदमखोर बाघिन को देखते ही गोली मारने के प्रिसिंपल चीफ कन्जर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इससे पहले प्रिसिंपल चीफ कन्जर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट ने बाघिन के आदमखोर होने की वजह से उसे देखते ही गोली मारने के आदेश जारी किए थे। जानकारी के मुताबिक इस आदमखोर बाघिन के हमले में जुलाई से अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4 अन्य लोग घायल हुए थे।
500 किमी पैदल चली बाघिन
प्रिसिंपल चीफ कन्जर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट के आदेश को कुछ पशु प्रेमियों की ओर से अदालत में चुनौती दी गई थी। वहीं वन विभाग के अधिकारियों की ओर से बाघिन को काबू करने की कोशिशें लगातार जारी हैं। कहा जा रहा है कि पिछले 76 दिनों में बाघिन ने करीब 500 किमी का सफर तय किया है।
रेडियो कॉलर के जरिए होती रही ट्रैकिंग
आदमखोर हो चुकी इस बाघिन को 10 जुलाई को कुछ स्थानीय लोगों पर हमला करने के बाद दक्षिण ब्रह्मपुरी के पास से पकड़ा गया था। इसके बाद वन विभाग के अधिकारियों द्वारा बोर टाइगर रिजर्व के पास उसे छोड़ा गया। 29 जुलाई को यहां छोड़े जाने के बाद बाघिन करीब 500 किमी तक चली। इस दौरान उसे रेडियो कॉलर के जरिए ट्रैक किया जाता रहा।
9 अक्टूबर को जारी हुआ आदेश
इस दौरान बाघिन के हमलों में 4 लोगों की मौत होने के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने उसे पकड़ने का अभियान शुरू किया। इस दौरान वन विभाग के लोगों ने कहा कि बाघिन को गोली मारने के बाद ही काबू में किया जा सकता है। जिसको देखते हुए यह आदेश जारी किया गया। इस आदेश में कुछ खामियां सामने आने के बाद 9 अक्टूबर को एक बार फिर से इस सिलसिले में आदेश जारी हुआ।