नोटबंदी ने RBI के खर्च करा दिए 13 हजार करोड़, तब मिली आपको नई करंसी

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नई दिल्ली:एजेंसी। नवंबर में मोदी सरकार द्वारा किए गए नोटबंदी के फैसले ने आरबीआई के 13 हजार करोड़ रुपए तक खर्च करा दिए। आरबीआई को यह खर्च पुरानी करंसी वापस लेने के बदले नई करंसी प्रिंट करने पर उठाना पड़ा। इस बात का खुलासा एसबीआई द्वारा तैयार की गई एक रिपोर्ट में हुआ है। आरबीआई का यह खर्च अभी 500 करोड़ रुपए और बढ़ सकता है, अगर वह नोटबंदी से पहले के समय से 90 फीसदी करंसी ही प्रिंट कराता है। अभी उस समय की तुलना में 84 फीसदी करंसी ही सिस्टम में आई है।
 500 और 2000 रुपए पर सबसे ज्यादा खर्च
 एसबीआई की रिपोर्ट के अनुसार नोटबंदी के समय 15.44 लाख करोड़ रुपए वैल्यु की करंसी वापस ली गई थी। जिसमें से अभी तक 84 फीसदी करंसी सिस्टम में वापस आई। नोट पर प्रिटिंग कॉस्ट के आधार पर आरबीआई अभी तक 12-13 हजार करोड़ रुपए खर्च कर चुका है। अब आरबीआई 200 रुपए के नोट भी प्रिंट कर रहा है। ऐसे में अगर 500 के साथ-साथ 200 रुपए के नोट भी प्रिंट करता है, तो उसका खर्च और बढ़ने की आशंका है।
 किस करंसी पर कितना आया खर्च
करंसी
अधिकतम लागत (करोड़ रुपए)
10
840
20
1370
50
710
100
2740
500
3980
1000
200
2000
830
ढुलाई खर्च
800
सिक्कों पर खर्च
1500
कुल खर्च
13000 करोड़
 किस करंसी की प्रिटिंग पर कितना खर्च
 एसबीआई की रिपोर्ट के अनुसार प्रति सिक्कों के आधार पर 10 रुपए के एक सिक्के पर 6 रुपए का खर्च आया है। इसी तरह हर 500 रुपए के नोट पर 2.87 रुपए से लेकर 3.09 रुपए का प्रिटिंग खर्च आया है। जबकि 2000 रुपए के हर नोट पर 3.54 से 3.77 रुपए का खर्च आया है।

Source: Shilpkar