तमाम कोशिशें हुईं पर बक्सर डीएम मुकेश पांडे की नहीं बचाई जा सकी जान

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पटना:बक्सर जिले के डीएम मुकेश पांडे को आत्महत्या करने से रोकने के लिए तमाम कोशिशें की गईं लेकिन इस अनहोनी को टाला नहीं जा सका। डीएम मुकेश पांडे 4 अगस्त को डीएम का चार्ज लेने के बाद छुट्टी लेकर दिल्ली में चाणक्यपुरी के लीला होटेल में ठहरे थे। करीब 10 घंटे बाद ही गाजियाबाद में रेलवे ट्रैक पर उनकी लाश बरामद हुई।
6 पुलिस टीमें भी रोक ना पाई खुदखुशी
परिवार और दोस्तों का अलर्ट मिलने पर दिल्ली पुलिस की 6 टीमें सक्रिय हो गई थीं। जानकारी के अनुसार, मुकेश ने 6 बजे अपने बड़े भाई जो आईएफएस हैं और मॉस्को में बतौर दूतावास प्रभारी के पद पर तैनात हैं, को खुदखुशी का मेसेज भेजा। इसके बाद बड़े भाई ने दोस्तों से संपर्क किया। इस दौरान मेसेज उनके परिवारिक ग्रुप में भी डाला गया। मेसेज में डीएम ने जनकपुरी के डिस्ट्रिक्ट सेंटर मॉल से कूदकर जान देने की बात कही थी। इस सूचना के बाद दिल्ली पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन वह वहां नहीं थे। इसके बाद वह आखिरी बार मॉल और जनकपुरी मेट्रो स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में देखे गए। पुलिस ने गाजियाबाद बॉर्डर पर आनंद विहार तक उनको ट्रैक किया लेकिन उसके बाद उनकी तलाश ठंडी पड़ गई। जीआरपी कॉन्स्टेबल महेश चंद ने रात 9.40 बजे रेलवे ट्रैक से उनकी लाश बरामद की।
गाजियाबाद पुलिस अनुमान लगा रही है कि मुकेश पहले मेट्रो से आनंद विहार और फिर वहां से किसी ट्रेन में बैठकर गाजियाबाद स्टेशन पहुंचे। पुलिस को रात 9:50 पर सूइसाइड का पता चला। रात करीब 10:30 बजे मुकेश की शिनाख्त हुई। डीएसपी जीआरपी रणधीर सिंह ने बताया कि आनंद विहार मेट्रो स्टेशन और रेलवे स्टेशन के साथ ही गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज को चेक किया जाएगा।

जान देने से पहले विडियो में बताई पूरी कहानी
बक्सर के डीएम मुकेश पांडे ने 10 अगस्त की रात अपनी सूइसाइड की प्लानिंग बक्सर के सर्किट हाउस में कर ली थी। यह बात उनके बक्सर में बनाए गए एक विडियो में सामने आई है। विडियो में उन्होंने अपने पिता, मां और पत्नी के बीच के विवाद को अपनी मौत का कारण बताया है। हालांकि विडियो किस दिन बनाया गया है, यह साफ नहीं है।

इस विडियो में वह कह रहे हैं कि मैं अपने जीवन से खुश नहीं हूं। मेरे मां-बाप और पत्नी में तनातनी है और दोनों हमेशा उलझते रहते हैं। इससे मेरा जीना दुश्वार हो गया है। दोनों गलत नहीं हैं, दोनों प्यार करते हैं, लेकिन हर बार अति अच्छी नहीं होती है। मेरी वाइफ मुझसे प्यार करती है। मेरी बेटी भी है। मेरी शादी के बाद लाइफ में उथल-पुथल है। हम दोनों की छवि बिल्कुल अगल है। हम दोनों का कोई मेल नहीं है, फिर भी मैं दोनों से बहुत प्यार करता हूं। मेरी मौत के लिए मेरी छवि ही जिम्मेदार है। मैं खुले दिल का नहीं हूं। सूइसाइड का मेरे पर कोई दबाव नहीं है, किसी ने मुझे मजबूर नहीं किया है। मैं जिंदगी से परेशान हूं। विडियो में वह कह रहे हैं कि मैंने सोचा था कि मैं तप करू यां समाजसेवा करूं, पर मेरा जीवन से मन भर गया है।
छुट्टी लेकर आए थे दिल्ली
मुकेश ने 4 को बक्सर के डीएम का पदभार संभाला था। इसके बाद वह 9 तारीख को दो दिन की छुट्टी पर दिल्ली पहुंचे थे। उन्होंने छुट्टी लेते समय कमिश्नर को बताया था कि उनके मामा सीरियस हैं और उन्हें पटना लेकर जाना है। बिहार में मुकेश को जानने वाले कुछ लोगों ने बताया कि उनकी पत्नी आयुषी दिल्ली में रह रहीं थीं। उनके घर तीन महीने पहले एक बेटी का जन्म हुआ था। इस कारण वह अक्सर दिल्ली आया करते थे। इस बार भी हो सकता है वह फैमिली से मिलने के लिए दिल्ली आए हों। हालांकि परिवार या पुलिस की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
क्या लिखा मेसेज वाले सूइसाइड नोट में
गाजियाबाद आने से पहले मुकेश ने परिजनों को एक मेसेज किया था। इसमें उन्होंने लिखा था कि मैं डिस्ट्रिक्ट सेंटर जनकपुरी की 10वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर रहा हूं। मैं अपनी जिंदगी से काफी परेशान हो गया हूं। मेरा इंसान के अस्तित्व पर से विश्वास उठ गया है। मेरा सूइसाइड नोट होटल लीला पैलेस के कमरा नंबर-742 में रखे बैग में है। सभी को मेरा प्यार, मुझे माफ कर देना।
गाजियाबाद वाला सूइसाइड नोट
गाजियाबाद में मुकेश के पास से जो सूइसाइड नोट मिला है, उसमें उन्होंने लिखा है कि मैं मुकेश गुप्ता आईएएस (2012) बिहार के बक्सर में डीएम हूं। मैं अपनी मर्जी से सूइसाइड कर रहा हूं। मेरी मौत के बाद मेरे रिश्तेदारों को इसकी जानकारी सूइसाइड नोट के साथ दें। मैं दिल्ली के लीला होटल के कमरा नंबर-742 में रुका हुआ हूं। मेरे बैग में अधिक जानकारी वाला नोट है। इसके अलावा इस नोट में उन्होंने अपने ससुर आर.पी. सिंह, पत्नी और सास का मोबाइल नंबर भी लिखा है।
कमरा 7वें फ्लोर पर मोबाइल तीसरे पर मिला 
पुलिस ने जब मामले में जांच की तो मुकेश का मोबाइल तीसरे फ्लोर से मिला, जबकि उनका कमरा सातवें फ्लोर पर था। पुलिस इसे मामले की जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई
सीएमओ एन.के. गुप्ता ने बताया कि मुकेश पांडे की पोस्टमॉर्टम में मौत का कारण शॉक एंड हैमरेज आया है। उन्होंने बताया कि गर्दन कटने के मामले में ज्यादातर यही कारण आता है। रिपोर्ट संबंधित विभाग को सौंप दी गई है।