अलीगढ़: युवकों की हत्या के विरोध में प्रदर्शन हुआ हिंसक

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 अलीगढ़:शहर में दो युवकों की हत्या के मामले में कड़ी कार्रवाई और मुआवजे की मांग कर रही उग्र भीड़ के पथराव में शुक्रवार को तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और रबर की गोलियां भी दागीं। पुलिस ने बताया कि मुस्लिम बहुल अपर कोट क्षेत्र में दो युवकों की हत्या को लेकर प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारी हत्यारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मुआवजे की मांग कर रहे थे। पुलिस अधीक्षक अतुल श्रीवास्तव के मुताबिक, स्थिति अब नियंत्रण में है और शहर के मुख्य शॉपिंग सेंटर रेलवे रोड पर हालात सामान्य हो गये हैं।
7 अगस्त को रेलवे रोड बाजार में मोहम्मद वसीम और आशू हबीब की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। पुलिस ने आरोपी सुरेश को गिरफ्तार भी कर लिया है, लेकिन दोनों भाइयों की हत्या को लेकर कुछ दिनों से इलाके में तनाव फैला हुआ था। इस बीच जब बीजेपी विधायक संजीव राणा ने हत्या को आत्मरक्षा में उठाया कदम बताते हुए उसे सही ठहराने की कोशिश की तो लोग भड़क गए। पुलिस के मुताबिक, स्थानीय मस्जिद में नमाज अदा करने के बाद कुछ युवाओं ने बीजेपी विधायक के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और परिवार के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की। इसके बाद युवक उग्र हो गए और इलाके में तैनात पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
इसके बाद पुलिस ने तुरंत अपर कोट, बनियापारा, उस्मानपुरा, घास की मंडी और अब्दुल करीम चौक इलाके के बाजार की ओर जाने वाली रास्तों को ब्लॉक कर दिया। जिला कलेक्टर ऋषिकेश भास्कर योशादा की ओर से लगातर युवाओं से शांति कायम करने की अपील की गई।
अलीगढ़ के एसएसपी राजेश पांडे ने कहा कि भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। आंसू गैस और चिली बम भी इस्तेमाल किए गए। हालांकि उन्होंने फायरिंग की बात को खारिज किया, लेकिन स्थानील लोगों ने दावा किया कि पुलिस ने हवाई फायरिंग की थी। भीड़ ने एक पुलिस वाहन को भी नुकसान पहुंचाया है। पुलिस पुराने शहर के संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रही है। अर्धसैनिक बलों की भी तैनाती की गयी है । पांडे ने कहा, ‘किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए RAF की दो कंपनियों और PAC की एक कंपनी को इलाके में तैनात किया गया है।’