इसरो सैटलाइट से पकड़ा गया टैक्स चोर

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अहमदाबाद:यदि आप सोचते हैं कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी ISRO केवल सैटलाइट्स ही अंतरिक्ष में लॉन्च करता है तो एक बार फिर से दिमाग पर जोर लगाइए। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इसरो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को टैक्स डिफॉल्टरों पर नकेल कसने में भी मदद करता है।
हाल ही में एक टैक्स चोर को पकड़ने में इसरो के सैटलाइट ने गुजरात में आयकर विभाग की मदद की। उस शख्स ने कैपिटल गेंस पर इसलिए टैक्स में छूट मांगी थी, क्योंकि उसका कहना था कि उसने यह रकम खेतिहर जमीन बेचकर कमाई है। नियम के मुताबिक, इस तरह की जमीन की बिक्री पर कर में छूट तभी मिल सकती है, जब जमीन पर कम से कम दो साल से खेती की जा रही हो।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को यह दलील संदिग्ध लगी और उसने इसरो से संपर्क किया। इसके बाद इसरो ने सैटलाइट के जरिए इस जमीन की पिछले तीन साल की तस्वीरें ली। इन तस्वीरों से साफ पता चला कि यह जमीन तो पूरी तरह बंजर थी और इसका खेती के लिए कभी इस्तेमाल नहीं हुआ था। ऐसे में उस शख्स की दलील नामंजूर कर दी गई और उसके खिलाफ ऐक्शन लिया गया।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने पूरी तरह साफ कर दिया है कि कोई भी टैक्स चोर को बख्शा नहीं जाएगा। इसके लिए आयकर विभाग दूसरे सरकारी संगठनों इसरो, सीबीआई, ईडी, सेबी, आरटीओ, सार्वजनिक और निजी बैंकों, रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज और ट्रांसपोर्ट ऑफिस से भी मदद ले रहा है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पूर्व डीजी पीसी मोदी ने कहा कि हालिया कुछ वर्षों में शहरीकरण बढ़ रहा है। ऐसे में किसान अपनी जमीन बेचकर शहरों के पास वाली जमीन लेना चाहते हैं। इन मामलों में देखा गया है कि कि कैपिटल गेंस से बचने के लिए उपजाऊ जमीन को बंजर बताकर बेच देते हैं।
ऐसे में इस तरह के टैक्स चोरों को पकड़ने के लिए इसरो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की मदद कर रहा है। इन तस्वीरों से पिछले दो-तीन साल इस जमीन पर उपजाए गए फसलों का रिकॉर्ड रखा जा रहा है। यदि कोई शख्स टैक्स चोरी करने की कोशिश करता है तो उसकी चोरी इन तस्वीरों में साफ कैद हो जाएगी।
इसके अलावा, नेशनल बैंक फॉप एग्रीकल्चर ऐंड रुरल डिवेलपमेंट (NABARD) भी टैक्स चोरों पर नजर रख रहा है। खासकर वे लोग जिन्होंने खेती तो कभी नहीं की, लेकिन वे अपना इनकम खेती से दिखाते हैं। ऐसे लोग मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होते हैं।