एल्युमीनियम कोच से बढ़ेगी रेलवे की स्पीड, 4 साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट

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नई दिल्‍ली:एजेंसी। ट्रेनों की स्‍पीड बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने स्‍टील की बजाय एल्‍युमीनियम के कोच बनाने का निर्णय लिया है। ये कोच विदेशों से नहीं आएंगे, बल्कि चैन्‍नई स्थित इंटेग्रल  कोच फैक्‍ट्री (आईसीएफ) में बनाए जाएंगे। इसके लिए 2750 करोड़ रुपए की लागत से एल्‍युमीनियम कार बॉडी ट्रेनसेट्स तैयार किए जाएंगे। यह प्रोजेक्‍ट चार साल में पूरा हो जाएगा।
 टेंडर जारी
आईसीएफ ने शुक्रवार को इस प्रोजेक्‍ट का टेंडर जारी कर दिया है। इसके तहत एल्‍युमीनियम कार बॉडी ट्रेनसेट्स की डिजाइन, डेवलपमेंट, मैन्‍युफैक्‍चरिंग, टेस्टिंग एवं कमीशनिंग का काम किया जाएगा। 2750 करोड़ का यह प्रोजेक्‍ट 48 महीने (4 साल) में कम्‍प्‍लीट होगा। टेंडर 27 अक्‍टूबर को खोलेगा। इससे पहले 3 अक्‍टूबर को प्री-बिड मीटिंग बुलाई गई है।
 क्‍या होंगे फायदा
इस प्रोजेक्‍ट का मकसद केंद्र सरकार के मिशन रफ्तार से जुड़ा है। इस मिशन की शुरुआत पूर्व रेलवे मिनिस्‍टर सुरेश प्रभु ने की थी। इसमें पैसेंजर के साथ फ्रेट सर्विसेज की रफ्तार बढ़ाने का टारगेट रखा गया था। दरअसल, केंद्र सरकार मेल पैसेंजर और एक्‍सप्रेस ट्रेन की औसत स्‍पीड 65 किलोमीटर से बढ़ाकर 100 किलोमीटर प्रति घंटा करना चाहती है। जबकि इससे तेज चलने वाली गाड़ि‍यों की स्‍पीड बढ़ाना चाहती है। इसका दूसरा मकसद है कि एनर्जी एफिशिएंसी। आईसीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि अभी ट्रेन कोच स्‍टील के होते हैं, लेकिन एल्‍युमीनियम के कोच काफी हल्‍के होंगे, जिसकारण एनर्जी की काफी बचत होगी। जिससे रेलवे के ऑपरेटिंग कॉस्‍ट पर असर पड़ेगा।
 छोटे रूट्स से होगी शुरुआत
रेलवे के एक अधिकारी के मुताबिक, रेलवे चाहता है कि दिल्‍ली- अमृतसर, दिल्‍ली–जयपुर, दिल्‍ली-लखनऊ, बंगलुरु-चैन्‍नई जैसे कुछ छोटे रूट्स पर इस तरह की ट्रेन चलाई जाएं। इससे समय की बचत होगी और ट्रेनों के फेरे बढ़ जाएंगे। इससे रेलवे के रेवेन्‍यू में भी बढ़ोतरी होगी। वहीं, ट्रैक की मरम्‍मत का भी समय मिलेगा।
 तीन गुणा तक कम हो सकता है वजन
आईसीएफ के अधिकारी ने कहा कि जो कंपनी टेंडर हासिल करेगी, वह सबसे पहले डिजाइन बनाएगी, जिसके बाद ही यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि ट्रेन के वजन में कितनी कमी आएगी, लेकिन इतना अनुमान लगाया जा सकता है‍ कि कन्‍वेंशनल इंडियन कोच का वजन लगभग 51 टन है और नई ट्रेन का वजन 17 या 18 टन होगा। अभी स्‍पैन की टेल्‍गो ट्रेन का वजन 17 टन है। आईसीएफ की कोशिश रहेगी कि नई ट्रेन का वजन भी इसके आसपास रहे।

Source: Shilpkar