बेटियां होने के तानों से आहत हो महिला ने लगाई आग

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दमोह:मध्य प्रदेश में नोहटा थाना के मौसीपुरा गांव में शुक्रवार को एक महिला ने खुद को आग लगा ली। उसे जलता देख उसकी तीनों बेटियां उससे लिपट गईं। महिला छह महीने से गर्भवती थी। घटना में सभी की मौत हो गई। बेटियों की उम्र दो, चार और छह वर्ष थी। बच्चियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
महिला रानी पत्नी नेपाल सिंह लोधी को गंभीर हालत में जिला अस्पताल से जबलपुर रेफर किया गया था, लेकिन मेडिकल के गेट पर ही उसने दम तोड़ दिया। महिला ने जिला अस्पताल में दिए बयान में बताया कि उसे लगातार पेट दर्द था और इसी वजह से उसने यह कदम उठाया। घटना के समय उसकी तीन बेटियां मुस्कान (6), मानसी (4) और तुलसा (2) घर पर हीं थीं। बेटियों को आग कैसे लगी इस पर उसने कहा कि उसे बचाने में वे उससे लिपट गई थीं। जिस समय घटना घटी महिला ने अपनी सास को पेट दर्द की गोली लेने दुकान भेजा था।
हालांकि पुलिस इस पूरी थ्योरी के अलावा मामले को दूसरे एंगल से भी देख रही है। दरअसल, कुछ दिनों पहले ही महिला ने अपनी सोनोग्राफी कराई थी। जिसमें पता चला कि उसके गर्भ में बेटी है। (जबकि डॉक्टर द्वारा ऐसा किया जाना कानूनन अपराध है।) ग्रामीणों के मुताबिक तीन बेटियों के बाद चौथी बेटी की खबर के बाद सास-ससुर उसे लगातार ताने देकर मानसिक रूप से प्रताडि़त कर रहे थे। पति-पत्नी में भी आए दिन विवाद होता रहता था।
एसपी विवेक अग्रवाल ने बताया,  ‘महिला ने पेट दर्द की बात कही थी। अभी तक की जानकारी से पता चला है कि मामला पारिवारिक कलह से जुड़ा है, लेकिन अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। विवेचना के बाद ही कारण स्पष्ट होगा।’