‘सबको घर’ व स्मार्ट सिटी को धन उगाहेगी सरकार

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नई दिल्ली:एजेंसी।केंद्र सरकार शहरी विकास की योजनाओं को पूरा करने के लिए बाजार से धन उगाहने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि प्रमुख शहरी परियोजनाओं में सबको मकान और स्मार्ट सिटी मिशन शुमार है। केंद्रीय मंत्री पुरी यहां एक समारोह में हिस्सा लेने के बाद बोल रहे थे।

शहरी मिशन से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार को तीन लाख करोड़ रुपये की जरूरत है। सरकार की ओर से स्मार्ट सिटी के लिए 48 हजार करोड़ रुपये औ 50 हजार करोड़ रुपये की जरुरत अमृत परियोजना के लिए पड़ेगी। इसके अलावा वर्ष 2019-20 तक स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) को पूरा करके लिए 14650 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। जबकि 2022 तक प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 1.80 लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय मदद की जरूरत होगी। इसके तहत अगले पांच सालों के भीतर रियायती मूल्य के मकान बनाये जाने हैं।

केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा कि शहरी विकास के क्षेत्र में मेगा शहरी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए भारी धनराशि की जरूरतों के मद्देनजर सरकार तैयारी में जुटी है। बाजार से धन जुटाने के लिए विचार-विमर्श अंतिम दौर में है। केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद पुरी शुक्रवार को यहां अपने पहले सार्वजनिक समारोह में बोल रहे थे। बाजार से धन जुटाने की तैयारियों को वास्तविक रूप दे दिया गया है, जिसे लेकर पूरी तरह सतर्क भी हैं। हालांकि मंत्री पुरी ने कितनी धनराशि जुटाने की कवायद चल रही है, इस बारे में कुछ स्पष्ट नहीं किया।

प्रस्तावित शहरी परियोजनाओं के मद्देनजर भारी धनराशि की जरूरत है, जिसके लिए बाजार में धन उपलब्ध है। प्रस्तावित स्मार्ट सिटी में कुछ बड़े बदलाव नहीं दिखने के बारे में पूछने पर पुरी ने कहा ‘मैं आप सभी को भरोसा दिलाता हूं कि वास्तविक स्मार्ट सिटी रूपरेखा जल्दी ही आप लोगों को दिखने लगेगी।’ अमृत के तहत 1.39 करोड़ शहरी घरों में जलापूर्ति और सीवर के कनेक्शन दिये जाएंगे। शहरी क्षेत्र में सीवर प्रणाली को 30 फीसद से बढ़ाकर 60 फीसद किया जाएगा। जबकि 1900 खुले हरे भरे पार्को का निर्माण कर दिया जाएगा। अमृत के तहत चयनित 500 शहरों में से 340 की क्रेडिट रेटिंग कर ली गई है। इसके बाद यहां की निकायों से बांड जारी कर धन उगाहने में सहूलियत मिलेगी। पुणे पहला शहर है, जिसने बांड के मार्फत 200 करोड़ रुपये प्राप्त किया है, जिसे और शहरों में भी अपनाया जा रहा है।

Source: Shilpkar