95 हजार करोड़ GST कलेक्शन, 65 हजार करोड़ रिफंड का क्लेम; अब होगी जांच

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नई दिल्‍ली:एजेंसी। जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) लागू होने के बाद पहले महीने में सरकार ने दावा किया था कि करीब 95 हजार करोड़ रुपए का टैक्स कलेक्शन किया गया है। अब कारोबारियों ने इस 95 हजार करोड़ में से 65 हजार करोड़ रिफंड क्लेम कर दिया है, जिससे सरकार सकते में आ गई है। इस मसले पर जांच बैठा दी गई है। इसके तहत 1 करोड़ से ज्यादा ट्रांजिशनल क्रेडिट क्लेम करने वाली 162 कंपनियों की जांच की जाएगी।
कानून इजाजत देगा, तभी मिलेगा क्लेम…
 – सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम्स (सीबीईसी) ने चीफ कमिश्नर को लेटर में लिखा है कि ये क्रेडिट क्लेम तभी दिया जाएगा जब जीएसटी कानून में इसकी इजाजत होगी।
– सीबीईसी अफसरों का मानना है कि इतना क्रेडिट क्लेम गलती से या कन्फ्यूजन की वजह से भी आ सकता है।
– 1 करोड़ रुपए से ज्यादा के क्लेम एक टाइम लिमिट में वेरिफाई किए जाएंगे।
– अगर 65 हजार करोड़ रुपए के ट्रांजिशनल क्रेडिट दावे सही पाए जाते हैं, तो इससे जीएसटी के तहत लगाए गए अनुमान काफी कम रेवेन्यु मिलेगा।
 20 सितंबर तक देनी है रिपोर्ट
– सीबीईसी अफसरों को कहा है कि वह 162 कंपनियों के दावों पर 20 सितंबर तक एक रिपोर्ट दें।
– सीबीईसी ने कहा है कि जीएसटी के तहत सिर्फ सही दावों को ही आगे बढ़ाया जाएगा।
– उन्होंने बताया कि फील्ड ऑफिसर्स से ट्रान-1 रिटर्न को पुराने रिटर्न से मिलाने को कहा गया है।
– उन्हें यह भी जांचने के लिए कहा गया है कि ये दावे जीएसटी कानून के तहत सही हैं या नहीं।
 क्यों किया है दावा?
– 1 जुलाई से जीएसटी लागू हुआ। सरकार ने कंपनियों को पुराने टैक्स सिस्टम के तहत किए गए स्टॉक की खरीद पर चुकाए गए टैक्स के क्रेडिट का दावा करने की सुविधा दी है।
– यह सुविधा जीएसटी लागू होने के छह महीने बाद तक के लिए ही है।
– जुलाई में अपना पहला जीएसटी रिटर्न दाखिल करने के साथ ही कंपनियों ने बकाया दावा के लिए ट्रान-1 फॉर्म भी दाखिल किया था।
– बता दें कि पिछले हफ्ते तक कुल 59.97 लाख टैकसपेयर्स में से 70% ने जुलाई का रिटर्न दाखिल कर दिया था। इससे सरकार को 95 हजार करोड़ रुपए का रेवेन्यु हासिल हुआ है।

Source: Shilpkar