ट्रंप की उत्तर कोरिया को धमकी, क्या अमेरिका कर रहा है युद्ध की तैयारी?

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वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की तरफ से लगातार धमकी, यूएस बॉम्बर्स का कोरियाई प्रायद्वीप के ऊपर से गुजरना क्या इस बात का संकेत है कि वॉशिंगटन उत्तर कोरिया के साथ युद्ध की तैयारियां कर रहा है? अगर वाकई ऐसा है, तो दोनों परमाणु हथियारों से संपन्न देशों के बीच में युद्ध के कारण लाखों लोगों की जान जा सकती है।
इस हफ्ते US B-1B बॉम्बर्स ने दक्षिण कोरिया के ऊपर से उड़ान भरी थी, जो सीधे तौर पर प्योंगयांग के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन का एक तरीका था। इससे कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने कहा था, ‘नॉर्थ कोरिया के साथ अब सिर्फ एक चीज काम करेगी।’ ट्रंप ने नॉर्थ कोरिया का हवाला देते हुए यह भी कहा था ‘यह तूफान से पहले की शांति है।’ अगले हफ्ते अमेरिका और दक्षिण कोरिया बड़े नौसेना अभ्यास की शुरुआत भी करेंगे। यह अभ्यास भी उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल परीक्षणों के खिलाफ अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने के मकसद से किया जाएगा।
वाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ जॉन केली ने गुरुवार को युद्ध की आशंकाओं को फिलहाल के लिए टाल दिया था। उन्होंने कहा था कि अमेरिकियों को नॉर्थ कोरिया के बढ़ते परमाणु और मिसाइल क्षमता को लेकर चिंतित होना चाहिए, लेकिन उन्होंने यह भी कहा था कि खतरा फिलहाल नियंत्रण में है। केली ने यह भी कहा था कि नॉर्थ कोरिया को अमेरिका पर हमला करने की क्षमता हासिल करने से रोकना होगा।
वाइट हाउस के मुताबिक, बीते मंगलवार ट्रंप ने अपने सैन्य प्रमुखों और रक्षा मंत्री जिम मैटिस के साथ कई दौर की वार्ता की थी, जिसमें उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण का जवाब देने पर चर्चा की गई। पूर्व एयरफोर्स ब्रिगेडियर रॉब गिवन्स के मुताबिक, ‘अगर हम उत्तर कोरिया के कुछ रणनीतिक लक्ष्यों पर हमला करने का फैसला लेंगे तो यह बहुत जल्दी में लिया जाएगा।’ उन्होंने यह भी कहा कि जब तक अमेरिका प्योंगयांग को डराने के लिए कोई फैसला नहीं लेता तब तक अमेरिकी नागरिकों को यही लगता रहेगा कि उनपर हमला होने वाला है। फिलहाल के लिए, ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिका या उत्तर कोरिया 1950-53 के बीच हुए युद्ध को फिर से दोहराने की तैयारी कर रहे हैं, जिससे यह प्रायद्वीप तबाह हो गया था। ट्रंप ने मंगलवार को सैन्य प्रमुख और रक्षा मंत्री जिम मैटिस के साथ नॉर्थ कोरिया की किसी हिमाकत पर अमेरिका की तैयारियों के बार में चर्चा की थी।
उधर, अमेरिकी नौसेना ने गुरुवार को बताया कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया अगले हफ्ते से एक बड़े नौसेना अभ्यास की शुरुआत करेंगे। यह अभ्यास उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल परीक्षणों के खिलाफ अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने के लिए किया जाएगा। उत्तर कोरिया के हथियार कार्यक्रमों के कारण पिछले कुछ महीनों में कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिका के प्रतिबंधों की अवहेलना करते हुए प्योंगयांग ने कई मिसाइलों का प्रक्षेपण किया और अपने छठे और सबसे शक्तिशाली परमाणु परीक्षण को अंजाम दिया।
अमेरिका ने तब से क्षेत्र में अपने दो करीबी देशों दक्षिण कोरिया और जापान के साथ सैन्य अभ्यास को बढ़ा दिया है। एक बयान में अमेरिका के सातवें फ्लीट ने कहा कि इस अभ्यास में दक्षिण कोरिया के जंगी जहाजों को भी शामिल किया जाएगा। बयान में कहा गया कि 16 अक्तूबर से 26 अक्तूबर तक जापान के सागर और पीला सागर में होने वाला यह अभ्यास, संचार, पारस्परिकता और साझेदारी को बढ़ावा देंगे।