आत्मा को परमात्मा की ओर अग्रसर करे -साध्वी विजय विजयप्रभा

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मुंबई: मेवाड़ भवन गोरेगांव में विराजित यश गुरूजी मैया की सुशिष्या प्रज्ञा ज्योती सुधकुंवर जी महाराज सा आदि थाना की की प्रवचन श्रुखला में महासति विजयप्रभाजी ने कहा की मनुष्य अपने सुख दुःख का स्वयं ही जिम्मेदार है। हम दुःख आने पर जबरदस्ती भगवान को कोसते है जैसे कर्म करेंगे वैसे ही कर्मो का भुगतान करना पड़ेगा। बबूल का पेड़ उगाने से आम नहीं मिलेंगे। इसी प्रकार असुभ कर्म करने पर असीम दुखो का सामना करना पड़ेगा। अपनी आत्मा को उत्कृष्ट साधना के दौरा परमात्मा की और बढिये महासित साधना जी महाराज सा ने कहा कि मंगलमय भगवान की मंगलमय देशना उत्तराध्ययन सूत्र के दौरा बताई और कहाँ हमें सदगुर सदेव,सुधर्म पर विश्वास रख अपने सम्यकत्व का सद्पयोग करे और अपनी आत्मा को भव भटकने से रोके। कार्यक्रम में भांडुप मुलुंड संघ की सेवारही। कार्यक्रम में लक्ष्मीलाल धडालमिया, दिनेश बोहर,शांतिलाल रांका,प्रकाश नोबंडा रतन,सिंघवी,सुनील नाबेड़ा, देवीलाल चपलोत, रमेश कागरेचा, भांडुप नवयुवक मंडल महिला मंडल की उपस्थिति रही। यह जानकारी विनोद चपलोत ने दी। कार्यक्रम का सफल संचालन कोषाध्यक्ष सुरेश सिंघवी ने किया।