घाटकोपर में जैन संस्कार विधि कार्यशाळा सानंद संपन्न

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मुंबई: जैसे जैसे दिवाली नजदीक आ रही है बाजारों में रौनक बढ़ रही है। उसी के साथ साथ दिवाली के पावन अवसर पर लक्ष्मी पूजन को लेकर भी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए हर कोई अपने हिसाब से पूजा की तैयारी कर रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को घाटकोपर भवन में जैन धर्म में दीपावली पूजन विधि संभव है क्या ? कैसे करे हम जैन संस्कार विधि पावन दीपावली पूजा ? विषय पर एक विशेष कार्यशाळा का तेरापंथ भवन घाटकोपर में सफलता पूर्वक आयोजन किया गया। आचर्य श्री महाश्रमणजी की विदुषी शिष्या साध्वी श्री निर्वाणीश्रीजी के पावन सानिध्य में आयोजित इस कार्यशाला में उपस्थित संभागियों को सम्बोधित करते हुए साध्वी श्री निर्वाणीश्रीजी ने कहा संस्कार हमारे जीवन की अनमोल घरोहर है। हर प्राणी पूर्व जन्मो से संस्कार लेकर आता है। कुछ हम अपने माता-पिता से प्राप्त करते है। संस्कार सुखी जीवन के स्वणिम सूत्र है जैन धर्म के संस्कार आदर्श जीवन के निर्माता है। दीपावली पूजन में अपनी संस्कृति का प्रयोग पेरणा दाई है।  साध्वी श्री डा योगक्षेमप्रभाजी ने अपने प्रेरक वक्तव्य में कहा हमारे जैन साहित्य में मंत्रशास्त्रा का अपना महत्व है। जैन मंत्रों के विशेष प्रभाव द्रष्टव्य है। जैन श्रावक के लिए अपेक्षित है। अपने स्वयं के निधान को देखे व उसके अनुरूप मंत्रों का चयन कर शाखत रिद्धि सिद्धि का वरण करें।
जैन संस्कार विधि के संस्कारक श्री सुशील बाफना ने सरलता पूर्वक जैन संस्कार विधि के  संदर्भ में व्याख्या करते हुए दीपावली पूजन की लौकिक व लोकोत्तर विधि बताई। कार्यक्रम का शुभारंभ भक्तामर स्त्रोत्र के सामूहिक संगान से हुआ। साध्वी लावण्यप्रभाजी ने भगवान महावीर  प्रति श्रद्धा गीत का संगान किया। अभातेममं  की राष्टीय अध्यक्षा कुमुद कच्छारा ने दीपावली आतिशबाजी मुक्त हो बैनर का विमोचन करते हुए सबको स्वच्छ,शांत, सुरम्य दिवाली पर्व मनाने की प्ररेणा दी।
इस अवसर पर पटाखे व प्रदूषण मुक्त दीपावली कैसे मनाए ? इसलिए पूरी विधि सुव्यवस्थित रूप से अभातेमम द्वारा भेजी गई । जिसकी विधिवत सुचना दी गई। ज्ञातव्य है की घाटकोपर ज्ञानशाला  प्राय:सभी ने साध्वीश्री के आहवान पर आतिशबाजी न करने संकप्ल किया है। विदुषी साध्वी श्री निर्वावश्रीजी ने इस मोके पर उपस्थित सभी भाई-बहनों को मुक्त दिवाली मानाने का आहवान किया। समागत सभी का स्वागत मुक्त आभार तेयुप अध्यक्ष लोकेश डांगी व राकेश बडाला  (मंत्री)  ने किया। तेरापंथ  महिला मंडल संयोजिका मंजू कुमढ़ ने अभातेम मंडळ अध्यक्ष कुमुद कच्छरा,मुंबई मंडल अध्यक्ष जयश्री बडाला,कांटा तातेड़ से बैनर अनावरण का अनुरोध किया। सुशील बाफना का तेयुप घाटकोपर की और से साहित्य से सम्मना किया गया। भाई-बहनों की विशेष उपस्थिति में कार्यशाळा की सफलता में चार चांद लगा दिए।

इस अवसर घोटुलाल बडाला, चांदमंद सोलंकी, कुंदनमल कोठारी, नरेंद्र तातेड़, मुम्बई सभा कार्यध्यक्ष मनोहर गोखरू, ताराचंद बांठिया, बाबूलाल बडाला, विमल सोनी, लोकेश डांगी, राकेश बडाला, जितेन्द्र धाकड़, राजेश धाकड़, श्रवण चोरडिया, कमलेश चोरडिया, हेमराज सुराणा, राजेश धाकड़, नरेश बाफना, सुरेश राठौड़, शांतिलाल बाफना, हस्तिमल डांगी ,ख्यालीलाल बडाला राष्ट्रीय अध्यक्षा महिला मंडल कुमुद कच्छारा, मुंबई महिला मंडल अध्यक्षा जयश्री बडाला, घाटकोपर संयोजिका मंजू कुमठ, कांता तातेड़, सुमन चपलोत, लीला राठौड़ आदि की उपस्थिति रही।