सुपरस्टार अमिताभ क्यों बिजनेस में हुए फेल, कर बैठे ये गलतियां

0
33
नई दिल्‍ली। जिसे आता है इसके लिए बिजनेस करना एक्टिंग करने से ज्‍यादा आसान है, लेकिन जिसे नहीं आता उसका हाल अमिताभ बच्‍चन जैसा होता है। सदी के महानायक  अमिताभ बच्‍चन आज 75 साल के हो गए हैं। करीब 50 साल लंबे कॅरियर में उन्‍होंने यूं तो कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन अपनी लाइफ के जिस एक हिस्‍से को वह अब भी नहीं भूल पाए वह है कारोबार में मिली असफलता।
स्‍टार बनने के बाद अमिताभ बच्‍चन जब भी मुश्किल में आए पूरा देश उनके लिए दुआ करता हुआ दिखाई पड़ा। कुली की शूटिंग के दौरान घायल अमिताभ बच्‍चन के लिए पूरा देश एक साथ खड़ा था। राजनीति में आए तो लोगों ने रिकॉर्ड मार्जिन से उन्‍हें देश की ससंद में भेजा। हालांकि यही मेगा स्‍टार ने जब बिजनेस में बुरी तरह फेल हुआ तो कोई साथ नहीं था। यही कारण है कि कारोबारी असफलता ने उन्‍हें बुरी तरह से झकझोर कर रख दिया था और वह अपने जीवन इस हिस्‍से को कभी भूल नहीं पाए।
मशहूर राइटर आशोक बैंकर ने अमिताभ बच्‍चन की इस असफलता पर एक बडा आर्टिकल लिखा था, यह 2000 के दशक में काफी पॉपलुर हुआ था। इसमें उन्होंने सिलसिले वार तरीकों से कारणों का जिक्र किया, जिसके चलते बिग-बी की कंपनी ABCL बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई। वह कर्ज के बोझ तले बुरी तरह दब गए। आइए जानते हैं ऐसे ही कारणों के बारे में, जिसके चलते उन्‍हें बिजनसे में नाकामी हाथ लगी थी।

1- पेशवेर नहीं होना 
एक कारोबारी के तौर पर मिली असफलता ये यह साफ साबित होता है कि सिर्फ नाम और पैसा ही किसी बिजनेस को चालने के लिए काफी नहीं है। अमिताभ शायद यह समझने में गलती कर बैठे। बैंकर के मुताबित, एबीसीएल के पास बिजनेस का कोई ठोस प्‍लान नहीं था। उसे जहां प्रॉफिट दिखा वहीं कूद गई। एक ही समय में वह फिल्‍म डिस्‍ट्रीब्‍यूशन भी कर थी,  फिल्‍में भी बना रही थी और इवेंट मैनेजमैंट का भी काम कर रही थी। जबकि उसके पास किसी भी फील्‍ड का अनुभव नहीं था।

2- मैनेजमेंट में अनुशासन नहीं 
बैंकर के मुताबिक, एक सुपर स्‍टार की कंपनी सिर्फ लिए फेल हुई क्‍योंकि उसमें अनुशासन नहीं था। कंपनी अपने फैसले जल्‍दबाजी में ले रही थी। शुरुआती घाटे के बाद कंपनी ने अपनी स्‍ट्रैटेजी पर फिर से काम करने की बजाय बैंकों से लगातर लोन लेना ज्‍यादा मुफीद समझा। इसके चलते 6 साल के भीतर उसपर 90 करोड़ रुपए की बैंकों की देनदारी हो गई। बैकर के मुताबिक, ABCL का फाइनेंशियल मैनेजमैंट बेहद लापरवाह किस्‍म का था। इसके चलते उसपर लगातार कर्ज बढ़ता गया।